500 साल बाद 21 किलो चांदी के झूले में विराजे रामलला,वीडियो में देखें अद्भुत नजारा

नाग पंचमी के अवसर पर रामलला चांदी के झूले में विराजे हैं.दरअसल 500 सालों में ऐसा पहली बार हो रहा है जब रामलला पहली बार चांदी के पालने में झूला झूल रहे हैं.  श्री राम जी जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा ये चांदी का झूला तैयार किया गया था.इस चांदी के झूला पर रामलला सहित इनको चारों भाइयों को विराजित किया गया.

वहीं श्री राम जन्म भूमि के मुख्य आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया था कि सुबह रामलला का विधि अनुसार पूजन व श्रृंगार किया गया.इसके बाद फूलों से झांकी भी सजाई गई और फिर चांदी के भव्य झूले पर रामलला के साथ उनके भाई लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्र को विराजित किया गया. जानकारी देते हुए बता दि के सुबह सात बजे से ही रामलला को चांदी के झूला पर झूलते देखने के लिए लोग दर्शन करने आ रहे हैं.

आचार्य सत्येंद्र दास इस दौरान राम लला के ठाठ देख भावुक होने लगे और कहा कि रामलला को चांदी के झूला पर देख मन निहाल हो गया. बताया जा रहा है कि  श्रावण पूर्णिमा पर  झूलन उत्सव का समापन किया जाएगा. इस 21 किलो चांदी से बने इस झूले की खासियत ये है कि पूरा चांदी से बना हुआ है औऱ इसकी डोरी भी चांदी से ही तैयारी की गई है.श्रावण शुक्ल पंचमी से भगवान रामलला को झूले पर विराजमान करने के साथ ही झूला उत्सव की शुरूआत की गई और 22 अगस्त को इसका संमापन किया जाएगा.