भारत और चीन सीमा विवाद के चलते भारतीय सेना और पीएलए के मध्य हाॅटलाइन बनाई गई…

रक्षा मंत्रालय ने अपने के एक बयान में कहा कि दोनों देशों के सशस्त्र बलों के पास जमीनी कमांडर स्तर पर बातचीत के बाद ये हॉटलाइन बनाया है।

रक्षा मंत्रालय के कथित बयान के अनुसार दोनों देशों के सशस्त्र बलों के कमांडर स्तर पर बातचीत के दौरान ही यह हाटलाइन बनाया गया है।

भारत और चीन के बीच 12वें दौर की कोर कमांडर स्तर की वार्ता के एक दिन बाद दोनो देशों के बॉर्डर में विश्वसनीय संबंध को आगे बढ़ाने के लिए उत्तरी सिक्किम के कोंगरा ला में भारतीय सेना और तिब्बती नियंत्रण क्षेत्र के खंबा द्ज़ोंग में चीनी पीएलए के बीच एक हॉटलाइन बनाई गई है। ये फैसला 1 अगस्त को पीएलए दिवस के दिन लिया गया।

भारत और चीन सीमा विवाद के बीच 12वें दौर की कोर कमांडरों के स्तर बातचीत के एक दिन बाद ही भारतीय सेना और तिब्बती नियंत्रण क्षेत्र के खंबा द्ज़ोंग में चीनी पीएलए के मध्य एक हाटलाइन बना दी गई है। ताकि दोनो देशों के बीच विश्वसनीय संबंध बन सके। यह फैसला पीएलए दिवस के दिन लिया गया।।

उद्घाटन में दोनों देशों के सेनाओं के जमीनी कमांडरों ने हिस्सा लिया और हॉटलाइन के माध्यम से सेनाओं के बीच दोस्ती और सद्भाव का संदेश दिया गया।  

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर साल भर से चल रहे गतिरोध को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव है, कोर कमांडर स्तर की वार्ता का 12वां दौर 31 जुलाई को एलएसी के चीनी पक्ष मोल्डो में आयोजित किया गया। नौ घंटे तक चली चर्चा में गोगरा हाइट्स और हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र से सैनिकों को हटाने से संबंधित बातचीत हुई। दोनों देशों में गतिरोध तब शुरू हुआ जब चीनी सेना ने एलएसी पर एकतरफा नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया और बॉर्डर क्रॉस कर भारतीय सैनिकों पर हमला किया था। 

दोनों देशों के सेनाओं के जमीनी कमांडरों ने उद्घाटन में हिस्सा लिया और दोनो देशों के मध्य प्यार और अमन का संदेश दिया।

साल भर से चल रहे सीमा विवाद के चलते दोनों देशों के बीच तनाव है, यह 12वां दोर 31 जुलाई को एलएसी के चीनी पक्ष मोल्डो में रखा गया ।
दोनों देशों में विवाद का कारण तब बना जब चीनी सैनिकों ने एलएसी पर चीन का नियंत्रण बनाएं रखने का भरसक प्रयत्न किया और सीमाओं को पार करके भारतीय सैनिकों पर हमला किया।
नौ घंटों तक की गईं बातचीत के दौरान गोगरा हाइट्स और हाट स्प्रिंग्स वाले क्षेत्र से सैनिकों को हटाने पर बात की गई।

हाल ही में चीन ने कहा कि पीएलए और भारतीय सेना दोनों गलवान घाटी क्षेत्र में अलग हो गए हैं। एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए चीनी राजदूत सन वेइदॉन्ग ने कहा कि सीमा विवाद का निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि चीन-भारत संबंध क्षेत्र और दुनिया की शांति और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण हैं।
14 जुलाई को विदेश मंत्री जयशंकर ने एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की। सितंबर 2020 में अपनी पिछली बैठक को याद करते हुए विदेश मंत्री ने उस समय हुए समझौते का पालन करने और जल्द से जल्द इस गतिरोध को खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस मामले को लंबा खींचना किसी के हित में नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि इसका द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार जयशंकर ने वांग से साफ तौर पर कहा कि किसी भी हाल में एकतरफा बदलाव स्वीकार्य नहीं होगा। 

हाल ही में चीन ने कहा कि पीएलए और भारतीय सेना दोनों गलवान घाटी क्षेत्र में अलग हो गए हैं। एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए चीनी राजदूत सन वेइदॉन्ग ने कहा कि सीमा विवाद का निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि चीन-भारत संबंध क्षेत्र और दुनिया की शांति और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण हैं।
14 जुलाई को विदेश मंत्री जयशंकर ने एससीओ विदेश मंत्रियों की बैठक में अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की। सितंबर 2020 में अपनी पिछली बैठक को याद करते हुए विदेश मंत्री ने उस समय हुए समझौते का पालन करने और जल्द से जल्द इस गतिरोध को खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस मामले को लंबा खींचना किसी के हित में नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि इसका द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार जयशंकर ने वांग से साफ तौर पर कहा कि किसी भी हाल में एकतरफा बदलाव स्वीकार्य नहीं होगा। 

दोनों देश चीन-भारत सीमा मामलों पर सभी मौजूदा समझौतों और प्रोटोकॉल को मानते हुए बातचीत जारी रखने और पांच सूत्री मांगों के साथ अलग होने की सहमति पर मान गए है। 11 दौर की सैन्य वार्ता में चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी फिंगर 4 क्षेत्र और एलएसी के साथ पैट्रोल पॉइंट 14 से पीछे हट गई है, जबकि भारत ने पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी तट पर पीएलए गतिविधि को फिंगर्स क्षेत्र में ‘रणनीतिक महत्व’ के पदों पर कब्जा कर लिया।
हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और देपसांग जैसे क्षेत्रों को लेकर अभी भी बात नहीं बन पाई है। एलएसी की गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बीच 5-6 जून को 20 जवान शहीद हो गए थे।