आईपीएसएम ने वैक्सीन की दोनों डोज के बीच का अंतराल कम करने का सरकार को दिया सुझाव, जानिए क्या निकला हल

कोरोना वायरस से बचाव और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों खुराक के बीच के अंतराल को आईपीएसएम संस्था ने सरकार से कम करने को कहा है जिस पर अब केंद्र सरकार विचार विमर्श कर रही है.

सूत्रों के मुताबिक, इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रीवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन (आईपीएसएम) संस्था ने सरकार को यह सुझाव दिया कि, मौजूदा समय में कोविशील्ड की दो खुराक के बीच के अंतर को कम किया जाना चाहिए. वहीं, जो संक्रमित हो चुके हैं उन्हें वैक्सीन ना दी जाए.

मालूम हो कि अभी कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक में 84 दिन का अंतराल होता है. यदि यह अंतराल कम होता है तो लोगों को कम समय में वैक्सीन दी जा सकेगी और संक्रमण का खतरा भी कम हो सकेगा. दरअसल, कोरोना वायरस के भिन्न-भिन्न तरीके के वैरीएंट जैसे डेल्टा वैरीएंट आदि से संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है. वहीं, वैक्सीनेशन से संक्रमण का खतरा कम हो सकेगा, इसलिए दोनों खुराक के बीच अंतराल कम करने पर विचार करना आवश्यक है.

आपको बता दें कि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों खुराक के बीच अंतराल इसलिए बढ़ाया गया क्योंकि तब देश में वैक्सीन की कमी थी. अब छह टीके उपलब्ध हो चुके हैं. यदि अंतराल कम किया जाएगा तो वैक्सीनेशन ज्यादा तेजी से होगा और लोग इस वायरस की चपेट में आने से बचेंगे.

वहीं, बात करें देश में कोरोना वायरस की तो देश में कोरोना वायरस की रफ्तार थोड़ी कम हुई है लेकिन सरकार की तरफ से लोगों को सख्त निर्देश दिया जा रहा है कि वह सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करें. वहीं, वैक्सीनेशन की बात करें तो देश में अब तक कोरोना वैक्सीन की 58.82 करोड़ डोज लोगों को लगाई जा चुकी है. इसके साथ ही कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है लेकिन निर्धारित समय पर उन्होंने दूसरी डोज नहीं लगवाई है.