छोटी उम्र में एक्सीडेंट, व्हीलचेयर सहारा लेकिन हौसला बुलंद, जानिये गोल्डन गर्ल अवनि लेखरा की संघर्ष भरी ज़िन्दगी

टोक्यो पैरालम्पिक्स में भारत का नाम गर्व से रोशन हुआ है. भारत की बेटी अवनि लेखरा ने भारतमाता की झोली में गोल्ड मेडल डाला है. अवनि लेखरा ने शूटिंग में गोल्ड मेडल जीता है. मात्र 19 साल की उम्र में अवनि ने महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल के क्लास एसएच1 में पहला स्थान प्राप्त कर गर्व से देश का नाम ऊंचा किया है.

एक तरह से अवनि का सपना पूरा हुआ है क्यूंकि उन्होंने नवंबर साल 2019 में एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि, वो टोक्यो में मेडल जीतना चाहती हैं और वो कहते हैं न कि, सफलता के पीछे किसी न किसी का हाथ जरुर होता है. अवनि की सफलता के पीछे उनके पिता का बहुत बड़ा हाथ रहा. सूत्रों के मुताबिक, अवनि ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि, साल 2015 में मेरे पिता शूटिंग और तीरंदाजी दोनों में ले गए थे और मैंने दोनों की कोशिश की. पहली बार राइफल पकड़ने के बाद मुझे शूटिंग में ज्यादा जुड़ाव महसूस हुआ. बता दें कि, अवनि ने जयपुर के जगतपुरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से शूटिंग की ट्रेनिंग शुरू की.

पिता के साथ और अवनि की मेहनत को एक न एक दिन रंग तो लाना ही था. इतना ही नहीं अवनि अभिनव बिंद्रा से भी काफी प्रोत्साहित हुईं. आपको बता दें कि, अवनि ने अभिनव बिंद्रा की बायोग्राफी ‘अ शॉट एट हिस्ट्री’ पढ़ी, जिसके बाद से अवनि और भी ज्यादा रुचि लेने लगी. वहीं अवनि की इस शानदार जीत पर अभिनव बिंद्रा ने अवनि को ट्वीट कर बधाई दी. उन्होंने लिखा, गोल्ड है! अवनि लेखरा के शानदार प्रदर्शन से भारत ने निशानेबाजी में पहला पैरालंपिक स्वर्ण पदक जीता. बेहद गर्व! बहुत-बहुत बधाई!

बात करें अवनि की तो इन्होने अपनी ज़िन्दगी में काफी उतार चढ़ाव देखे. नवंबर 2001 में पैदा हुईं अवनि का जन्म पिंक सिटी जयपुर में हुआ. इसके बाद साल 2012 में नन्ही अवनि ने एक बड़ा दुख देखा. दरअसल, 11 साल की उम्र में अवनि का एक्सीडेंट हुआ जिसमें उनकी रीढ़ की हड्डी चोटिल हुई. इसके बाद उन्हें व्हीलचेयर का हमेशा के लिए सहारा लेना पड़ा लेकिन अवनि का हौसला काफी बुलंद था जिस वजह से अवनि ने आज ये मुकाम हासिल किया है. बताते चलें कि, अवनि के पिता प्रवीण लेखरा राजस्थान के श्रीगंगानगर में पोस्टेड हैं और अवनि की माता टोक्यो में उनके साथ हैं.

मिली जानकारी के मुताबिक, साल 2015 में अवनि ने अपनी ट्रेनिंग शुरू की जिसके कुछ महीने बाद उन्होंने राजस्थान स्टेट चैम्पियनशिप में हिस्सा लिया और गोल्ड जीता. इस चैम्पियनशिप के लिए अवनि ने अपने कोच से राइफल उधार ली थी. वहीं, अवनि ने नेशनल चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता. साथ ही साल 2016 से 2020 के बीच अवनि ने नेशनल शूटिंग चैम्पियनशिप में 5 बार गोल्ड मेडल जीता. इतनी मुश्किलों का सामना करने के बाद भी अवनि की हिम्मत नहीं टूटी और उन्होंने अपना सपना पूरा किया.