एक समय टीकाकरण के डर से नदी में कूद रहे थे लोग, अब समझ आई अहमियत तो देखिए कैसे लगवा रहे हैं वैक्सीन

देश-विदेश कोरोना वायरस से जूझ रहे हैं. हालांकि, लोगों की सतर्कता आदि से अब कोरोना वायरस के मामले घटते नज़र आ रहें हैं जिससे प्रदेश सरकार ने अब वीकेंड कर्फ्यू में ढील दी है.

जब लोगों ने पहली बार कोरोना वायरस का नाम सुना तो मानो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई हो, वहीं कोरोना वायरस के खतरे को कम करने के लिए वैक्सीनेशन का कार्य शुरू किया गया. शुरुआती दौर में अधिकतर लोगों में यह डर रहा कि कहीं ऐसा ना हो कि वैक्सीनेशन के परिणाम कुछ और हो.

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी की एक तस्वीर देखकर आप हैरान हो जाएंगे. दरअसल, एक समय ऐसा था जब यहां के लोग वैक्सीनेशन से घबराते थे और अब जब वैक्सीनेशन की अहमियत समझ आई तो बारिश के दौरान सीएचसी बनीकोडर में वैक्सीनेशन हेतू जगह घेरने के लिए लोगों ने लाइन में अपने-अपने जूते चप्पल रख दिए.

आपको जानकर हैरानी होगी कि बीती 22 मई को बाराबंकी जिले के रामनगर के सिसौंडा गांव कोरोना वैक्सीनेशन के लिए टीम पहुंची जिससे बचने के लिए लोग सरयू नदी में कूद पड़े. इसके बाद लोगों को समझाने के लिए नोडल अधिकारी सौरभ त्रिपाठी स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ नदी किनारे पहुंचे जहां उन्होंने लोगों को समझाया. काफी समझाने पर लोग बाहर आएं और उन्होंने वैक्सीनेशन करवाया.

मिली जानकारी के मुताबिक, प्रदेश सरकार ने तय किया है कि यूपी में अब सिर्फ शनिवार को दूसरी डोज लगाई जाएगी. बताते चलें कि सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक वैक्सीनेशन की पहली डोज के साथ दूसरी डोज भी लगाई जाएगी लेकिन शनिवार को सिर्फ दूसरी डोज ही लगाई जाएगी.

वहीं, प्रदेश में कोरोना वायरस मुक्त जिलों की बात करें तो फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, गोंडा, हाथरस जैसे कई जिलें कोरोना मुक्त हो चुके हैं. वैक्सीनेशन का कार्य भी प्रदेश में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है. तीसरी लहर से बचने के लिए प्रदेश सरकार लोगों का वैक्सीनेशन बड़े स्तर पर कर रही है