क्या है ऐसी मजबूरी जो भारत सरकार को गिलगित-बल्तिस्तान को पाकिस्तान के हवाले करना होगा: कानून पास

भारत का शुरू से ही मानना है कि कश्मीर लद्दाख गिलगित-बल्तिस्तान भारत का ही हिस्सा है लेकिन पाकिस्तानी सरकार इन क्षेत्रों पर षड्यंत्रकारी और रणनीतिक रूप से कब्जा बनाना चाहा है उसी में से भारत का एक अभिन्न अंग गिलगित बलिदान है जिस पर पाकिस्तानी अधिकारियों ने जबरदस्ती प्रांत बनाने के लिए कानून को अंतिम रूप दे दिया है।
वहीं भारत सरकार का कहना है कि गिलगित-बल्तिस्तान समय जम्मू कश्मीर और लद्दाख के सभी इलाके भारत के अभिन्न अंग है।

पाकिस्तानी समाचार पत्र की रिपोर्ट के मुताबिक यह नया कानून न्याय मंत्रालय की तरफ से आया है। इस कानून के मुताबिक गिलगित गिलगित-बल्तिस्तान अप्रभावी रूप से पाकिस्तानी निर्वाचन आयोग में शामिल किया जा सकता है। और इस कानून को प्रधानमंत्री इमरान खान को सौंपते हुए इसे 26 वा संविधान संशोधन बिल का नाम दिया गया है। इस संशोधन बिल का ड्राफ्ट तैयार करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने वहां के केंद्रीय कानून मंत्री फरोग नसीम को सौंपी थी।

सूत्रों से यह भी पता चला है कि यह कानून पाकिस्तानी संविधान अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र के प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। पाकिस्तानी समाचार पत्र के अनुसार पाकिस्तानी कश्मीर और गिलगित-बल्तिस्तान के अधिकारियों से भी इस बारे में सलाह ली गई है।