देश में एक बार फिर से कोरोना वायरस के मामलों में उछाल, इन राज्यों में लग सकती हैं पाबंदियां

देश में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोत्तरी लगातार तीसरी लहर की ओर संकेत दे रही हैं. वहीं, सबसे ज्यादा कोरोना वायरस के मामले केरल और महाराष्ट्र से सामने आ रहे हैं और ऐसे में केंद्र सरकार ने इन दोनों राज्यों को नाइट कर्फ्यू लगाने पर विचार करने की सलाह दी है.

आपको बता दें कि, बीते गुरुवार को देश में 46 हजार करीब नए केस सामने आए जिससे देश में स्थिति भयानक होती चली जा रही है. वहीं, शुक्रवार को भी देश में कोरोना वायरस के करीब 44हजार नए मामले सामने आए.

मालूम हो कि केरल में कोरोना वायरस की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. हाल ही में बकरीद और ओणम आदि त्योहारों पर छूट दी गई जिस वजह से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कोरोना वायरस के मामलों में उछाल आई है.

मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को केंद्रीय गृह सचिव ने महाराष्ट्र और केरल के अधिकारियों के साथ मीटिंग की. मीटिंग के दौरान केंद्रीय गृह सचिव ने कोरोना वायरस की बढ़ते केस को लेकर राज्यों से पूछा कि आखिर कैसे हम उन इलाकों में कोरोना वायरस पर काबू पा सकते हैं, जहां केस ज्यादा मिल रहे हैं?

बता दें कि इसके बचाव के लिए उन्होंने दोनों राज्यों को कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग, वैक्सीनेशन ड्राइव तेज करने और कोरोना के नियमों का पालन करने की सलाह दी. इसके साथ ही नाइट कर्फ्यू पर भी विचार करने की सलाह दी. वहीं, वैक्सीनेशन में तेजी लाने और यदि वैक्सीन की कमी होती है तो उसकी मांग करने के लिए कहा गया.

केंद्रीय गृह सचिव ने आगे कहा कि, चाहे टीकाकरण का अभियान तेजी पर हो और भले ही बड़ी संख्या में लोगों को दोनों टीके लग चुके हो लेकिन फिर भी कोरोना के नियमों का पालन होना चाहिए. वहीं, आगामी फेस्टिव सीजन को लेकर कहा गया कि, सामाजिक कार्यक्रमों पर रोक लगाएं और फेस्टिवल के दौरान भी भीड़ भाड़ ना इकट्ठी होने दें. अगर आगामी दिनों में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है तो पाबंदियों के दिन वापस लौट सकते हैं.

मालूम हो कि कुछ दिन पहले ही कोरोना वायरस की रफ्तार थमती हुई नजर आ रही थी लेकिन एक बार फिर से कोरोना वायरस के मामलों में इजाफा परेशान कर देने वाला है. वहीं, देश के विभिन्न राज्यों में स्कूलों और कॉलेजों को खोलने का फैसला भी लिया जा चुका है और ऐसे में मामलों का बढ़ना चिंताजनक है.