राहुल गांधी पर बीजेपी का हमला, दरिंदगी का शिकार बच्ची के परिजनों की तस्वीर शेयर कर तोड़ा कानून

दिल्ली के नांगल गांव में 9 साल की दलित बच्ची के साथ दरिंदों ने मिलकर हैवानियत की हदें पार की है. दरअसल सभी पार्टी के नेता बारी बारी से बच्ची के माता पिता से मिलने जा रहे हैं. इसी तरह से राहुल गांधी भी आज बच्ची के परिजनों से मुलाकात करने के लिए गए थे. जानकारी देते हुए बता दें कि राहुल गांंधी ने परिजनों से कार में बैठकर ही बात की जिसके बाद उन्होंने उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी.

इस तस्वीर को साझा करते हुए राहुल गांधी ने लिखा है कि  माता-पिता के आंसू सिर्फ़ एक बात कह रहे हैं कि उनकी बेटी व देश की बेटी न्याय की हकदार है, और मैं इनको न्याय दिलाने के लिए हमेशा साथ खड़ा हूं, राहुल गांधी की तस्वीर में उनके साथ बच्ची के माता पिता भी नजर आ रहे हैं. जहां राहुल गांधी बच्ची को न्यान दिलाने की बात कर रहे हैं वहीं अब इस तस्वीर को लेकर सवालों के घेरे में आ चुके हैं.

दरअसल कानून के मुताबिक कोई भी शख्स नाबालिग रेप पीड़िता की पहचान उजागर नहीं कर सकता है. चाहें वो किसी भी पेशे से जुड़ा हो. ऐसे मामले में सार्वजनिक करना पॉक्सो एक्ट के सेक्शन 23 और जुवेनाइल जस्टिस केयर के सेक्शन 74 का उल्लंघन माना गया है.

इसी बीच राहुल गांधी के इस ट्टीट को देखते ही बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल पर हमला बोला है.संबित पात्रा ने कहा है कि राहुल गांधी ने पीड़िता बच्ची के माता पिता की तस्वीर शेयर कर उन्होंने कानून को तोड़ा है इसीलिए उनकी पार्टी राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग से मांग करेगी कि कांग्रेस नेता के ट्वीट का स्वत: संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ एक्शन लिया जाए. बता दें कि इस तरह से तस्वीर व पहचान  सार्वजिक करने पर रेप पीड़िता व उसके परिवार की छवि खराब होती है.