केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा- अब कैंटीन सुविधा के लिए वसूले गए शुल्क पर नहीं लगेगा GST

कैंटीन सुविधा जीएसटी

कैंटीन सुविधा जीएसटी

नई दिल्ली। सरकार ने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए रविवार को बड़ा फैसला लिया है। अब कर्मचारियों द्वारा कैंटीन सुविधा (Canteen facility) के लिए चुकाई गई राशि पर कोई माल एवं सेवा कर (GST) नहीं लगेगा। अग्रिम निर्णय प्राधिकरण (AAR) ने यह व्यवस्था दी है। टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने AAR की गुजरात पीठ से संपर्क कर यह जानकारी मांगी थी कि क्या उसके कर्मचारियों द्वारा कैंटीन सुविधा के इस्तेमाल के लिए उनसे वसूली गई मामूली राशि पर GST लगेगा। इसके अलावा कंपनी ने यह भी पूछा था कि क्या कारखाने में काम करने वाले कर्मचारियों को उपलब्ध कराई गई कैंटीन सुविधा पर सेवाप्रदाता द्वारा लिए गए जीएसटी पर इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) की सुविधा मिलेगी।

AAR ने अपने फैसले में यह कहा है कि Tata Motors ने अपने कर्मचारियों के लिए कैंटीन की व्यवस्था की है, जिसका संचालन तीसरा पक्ष सेवाप्रदाता द्वारा किया जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत कैंटीन शुल्क (Canteen fee) के एक हिस्से का बोझ कंपनी वहन कर रही है और शेष का कर्मचारी उठा रहे हैं। कर्मचारियों के हिस्से के कैंटीन शुल्क को कंपनी द्वारा जुटाया जाता है और इसे कैंटीन सेवाप्रदाता को दिया जाता है। इसके अलावा टाटा मोटर्स ने यह भी कहा है कि कर्मचारियों से कैंटीन शुल्क वसूली में वह अपने मुनाफे का मार्जिन नहीं रखती है।

AAR ने कहा कि कैंटीन सुविधा पर जीएसटी भुगतान के लिए ITC जीएसटी कानून के तहत प्रतिबंधित क्रेडिट है और आवेदक को इसका लाभ नहीं मिला सकता। एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कि अभी सब्सिडी वाला खाने-पीने का सामान उपलब्ध कराने वाली कंपनियां कर्मचारियों से इसकी वसूली पर पांच प्रतिशत का कर ले रही हैं। 'एएआर ने अब व्यवस्था दी है कि जहां कैंटीन शुल्क का एक बड़ा हिस्सा नियोक्ता द्वारा वहन किया जाएगा और कर्मचारियों से सिर्फ मामूली शुल्क लिया जाएगा, उनमें जीएसटी नहीं लगेगा।'