सरकार ने टैक्सपेयर्स को दी राहत, विभिन्न कर अनुपालनों, GST राहत के लिए बढ़ाई समयसीमा

जीएसटी

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नई दिल्ली। आयकर विभाग (Income tax department) ने सामान्यीकरण शुल्क (normalization fee) एवं प्रेषण (remittance) के लिए विवरण दाखिल करने से जुड़े विभिन्न अनुपालनों और GST माफी योजना का लाभ उठाने की समयसीमा बढ़ा दी। सरकार ने सामान्यीकरण शुल्क एवं प्रेषण (remittance) के लिए विवरण दाखिल करने के संबंध में, करदाताओं की इस तरह के फॉर्म को भरने में होने वाली दिक्कतों से पार पाने में मदद करने के लिए यह कदम उठाया है।

वित्त वर्ष 2020-21 (Financial year 2020-21) के लिए Form-1 में सामान्यीकरण शुल्क ब्योरा दाखिल करने की समयसीमा 30 जून की मूल नियत तारीख के मुकाबले 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गयी है। जून और सितंबर तिमाही के लिए किए गए प्रेषण के संबंध में अधिकृत डीलरों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले फॉर्म 15CC में त्रैमासिक विवरण अब क्रमशः 30 नवंबर और 31 दिसंबर तक दायर किया जा सकता है। इस विवरण को दाखिल करने की मूल नियत तारीख क्रमशः 15 जुलाई और 15 अक्टूबर थी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (Central Board of Direct Taxes) ने एक बयान में कहा कि करदाताओं (tax payers) और अन्य हितधारकों (stakeholders) द्वारा कुछ फॉर्म को Electronic तरीके से दाखिल करने में आ रही दिक्कतों की जानकारी दी गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए इन फॉर्म की ई तरीके से जमा कराने की तारीखों को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

एक अलग बयान में, CBDT ने प्रत्यक्ष कर विवाद समाधान योजना 'विवाद से विश्वास' (VSV) के तहत भुगतान करने की समयसीमा 30 सितंबर तक एक महीने तक बढ़ाने की घोषणा की। हालांकि करदाताओं के पास अतिरिक्त ब्याज राशि के साथ 31 अक्तूबर तक भुगतान करने का विकल्प होगा। सरकार ने यह कदम कोविड-19 महामारी (Covid-19 pendamic) के समय में करदाताओं की मदद करने के लिए उठाया है। इसके अलावा GST माफ करने की योजना का लाभ उठाने की अंतिम तारीख तीन महीने के लिए बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गयी है।