25 साल बाद महिलाओं के लिए तालिबान ने फिर सुना डाला 1996 वाला फ़रमान

अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार बन चुकी है। अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़ा करने के बाद तालिबान अपने आप को बदला बता रहा था, जबकि हकीकत यह है कि 25 साल बाद भी तालिबान जल्लाद का जल्लाद बना हुआ है, तालिबान पहले की तरह महिलाओं पर अत्याचार कर रहा है। अब तालिबान ने महिला क्रिकेट टीम पर बैन लगा दिया है. तालिबान महिलाओं को उनके घरों में कैद करने का आदेश दे रहा है।


अफगानिस्तान में तालिबान सरकार बनने के बाद, तालिबान के इरादे अब दुनिया के सामने बेनकाब हो गए हैं। तालिबान ने शुरू में महिलाओं के अधिकारों की बात की लेकिन शरीया कानून की आड़ में अपने वादों से पूरी तरह मुकर गया। तालिबान सरकार द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के खिलाफ और सरकार के भीतर महिलाओं की भागीदारी के लिए महिलाओं के जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। अब तालिबान ने महिलाओं पर बड़ा बयान दिया है, तालिबान की ओर से बयान में कहा गया है कि महिलाएं मंत्री नहीं बनेंगी, उन्हें सिर्फ घर पर रहकर ही बच्चे पैदा करने चाहिए.