हाई कोर्ट ने लगाई मुनव्‍वर राना को फटकार- कहा आपका जो काम है, वह क्‍यों नहीं करते

शायर मुनव्वर राना अपने तीखे बयानों से सुर्खियों में रहते हैं, कुछ ही दिन पहले मुनव्वर राना ने तालिबान की तुलना वाल्मीकि से की थी जिसके चलते हजरतगंज कोतवाली में उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था.

वहीं  हजरतगंज कोतवाली में इस मामले पर दर्ज प्राथमिकी के संबंध में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया,गुरुवार अदालत ने राना की याचिका खारिज करते हुए कहा उन्हे अपने काम से मतलब रखना चाहिए, किसी भी समुदाय पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए.

 जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस सरोज यादव की बेंच ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए उन्हें नसीहत दी है कि उनका जो काम है उन्ही वहीं करना चाहिए.दरअसल राना ने 20 अगस्त दर्ज हुए एफआईआर को रद्द करने व इस मामले में उनकी गिफ्तारी को रोकने की मांग की थी. 

कोर्ट ने इस मामले में अधिवक्ता से कहा है कि याचिका पर कोई दखल नहीं दिया जा सकता है, यह संवेदशील मामला है आप लोग इस तरह की बातें ही क्यों करते हो, अपना जो काम है उसपर ध्यान दीजिए.आप जाकर अग्रिम जमानत की अर्जी दे सकते हैं. यह कहकर कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी.

बता दें कि अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता पर तालिबान का कब्जा करने पर मुनव्वर राना ने कहा था कि अब हिंदुस्तान को अफगानिस्तान से नहीं बल्कि पाकिस्तान से डरने की जरूरत है. तालिबानी लोगों का कश्मीर से कोई लेना देना नहीं है, वाल्मीकि पहले क्या थे और बाद में वे क्या हो गए थे? इस तरह से तालिबान भी अब बदल चुका है.