एक्ट्रेस नहीं होतीं, तो लॉयर होतीं 'मुंबई डायरी' की नताशा भारद्वाज

भोपाल। इस वेब सीरीज (Web Series) काम करना मेरे लिए बहुत ही बेहतरीन एक्सपीरियंस रहा, क्योंकि पेंडेमिक से पहले ही इस वेबसीरिज के सभी सीन शूट हो गए थे और फिर फाइनली हमने इसे रिलीज किया। इसमें एक और खास चीज थी, इस वेबसीरिज के ज्यादातर सीन मास्क (Mask) में शूट किए हैं, जबकि उस वक्त कोविड (Covid) का नामोंनिशान तक नहीं था। जिसने इसे रियल (Real) बना दिया। यह कहना है मुंबई डायरीज में डॉ प्रिया का रोल निभाने वाली एक्ट्रेस नताशा भारद्वाज (Natasha Bhardwaj) का। नताशा ने 'हरिभूमि' से चर्चा में अपनी वेबसीरिज और अपने जीवन से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की।

मेडिकल क्षेत्र में पली-बढ़ी, लेकिन बनना था एक्ट्रेस

उन्होंने कहा कि मैं इसमें डॉक्टर प्रिया का रोल निभा रही हूं] क्योंकि मेरी मां भी डॉक्टर (Doctor) हैं। मां ने मुझे डॉक्टर की भूमिका निभाने के लिए काफी सारे टिप्स (Tips) दिए। नताशा का कहना है कि मैं इस रोल के लिए काफी डेस्प्रेट थी और जब मुझे रोल मिला तो मैंने मां का स्टेथेस्कोप लिया अपने गले में डालकर पूछा कि मैं कैसी लग रही हूं, तब मां ने कहा कि यह रोल तुम्हें मिल चुका है। नताशा का कहना है कि मैं बचपन से ही मेडिकल (Medical) परवरिश में पली-बढ़ी हूं। मेरी मां हॉस्पिटल (Hospital) जाती तो मैं भी उनके पेशेंट को देखने के तरीके को आब्जर्व करती, लेकिन मैं तब भी एक्ट्रेस ही बनना चाहती थी।

मेरी मां ने रोल निभाने में की मदद

नताशा का कहना है कि यदि मैं एक्ट्रेस (Actress) ना होती तो लॉयर (Lawyer) होती, क्योंकि मैंने लॉ की पढ़ाई की है। उन्होंने कहा कि मेरी मां ने इस रोल के लिए मेरी काफी हेल्प की है। उन्होंने अपनी एक डॉक्टर फ्रेंड के गवर्नमेंट हॉस्पिटल में मुझे लेकर गइ, जहां मैंने देखा कि किस तरह से ड्रामा क्रिएट होता है, लोग किस तरह से अपने इलाज के लिए परेशान होते हैं।

अब तो केवल आंखे ही नजर आती हैं

मिस यूनिवर्स फाइनलिस्ट रह चुकी नताशा पवन और पूजा नामक शो भी किया उसके बाद भी मुंबई डायरी वेब सीरीज में उन्हें देखा जा रहा है। पेंडेमिक के बाद शूटिंग में बदलाव पर उनका कहना है कि अब केवल आंखें ही नजर आती हैं, क्योंकि टीम मेंबर्स की संख्या भी कम कर दी गई हैं और एक्टर एक्ट्रेस के अलावा सभी को मास्क लगाना पड़ता है।