पंजाब कांग्रेस में आई दरार! कहीं राहुल गांधी और प्रियंका का हाथ तो नहीं?

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर काफी अटकलें सामने आ रही है यदि ऐसे ही चलता रहा तो कांग्रेस के लिए पंजाब का किला जीतना मुश्किल लग रहा है. अमिरंदर सिंह और नवजोत सिंह के रिश्ते में लंबे समय से दरार पड़ी हुई है. सिंद्धू के प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने सीएम पद से इस्तीफा तक दे दिया है जिसके बाद सीएम की कुर्सी पर चरणजीत सिंह चन्नी को चुना गया है. अब सिद्भू ने भी अपने प्रदेश अध्यक्ष के पद को छोड़कर पार्टी को अकेले छोड़ दिया है. इतना ही नहीं सिद्धू के साथ -साथ इनके कई करीबी मंत्रियों ने भी अपना पद त्याग दिया है.

राजनीतिक विश्‍लेषकों के अनुसार बताया जा रहा है पंजाब में पार्टी के बीच जो दरार पड़ी है उसके पीछे प्रियंका व राहुल गांधी का हाथ बताया जा रहा है. बता दें कि सिद्धू प्रदेश अध्यक्ष बनने से पहले लगातार दिल्ली आ रहे थे वे राहुल व प्रियंका से मुलाकात करना चाहते थे लेकिन राहुल उनसे मिलना नहीं चाह रहे थे. इसी बीच राहुल का कहना है कि सिद्धू ने उनसे मिलने के लिए कोई अपॉइंटमेंट नहीं लिया है, बताया जा रहा है कि इससे पहले अमरिंदर सिंह भी राहुल से मुलाकात करना चाहते थे लेकिन उनको भी निराशा हाथ लगी.

जब कई कोशिशें करने के बाद भी सिद्धू की मुलाकात राहुल से नहीं हो पाई तो वे फिर प्रियंका गांधी के आवास पर पहुंच गए . यहां प्रियंका गांधी सिद्धू से मिलने के बाद राहुल व सोनिया गांधी से मिलने के लिए पहुंच गई. बताया जा रहा है कि सिंद्धू वहीं बैठकर प्रियंका के आने का इंतजार करने लगे. प्रियंका की पहल के बाद राहुल ने सिद्धू से मुलाकात की. इन दोनों के बीच 45 मिनट तक बातचीत हुई और पंजाब काग्रेंस के बीच हो रही गुटबाजी को सुलझाने की कोशिश की.

बता दें कि सिद्धू के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद को छोड़ने के बाद उनके 2 समर्थन मंत्रियों ने भी इस्तीफा दे दिया है.इस मामले में कांग्रेस के अन्य बड़े नेता भी चुप्पी साधे हुए हैं, सिद्धू ने अपने इस्तीफे के साथ लिखा है कि वे अध्यक्ष पद से इस्तीफा तो देंगे लेकिन पार्टी के साथ बने रहेंगे.