शिवराज सरकार ने की बड़ी घोषणा,अब मध्य प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ाया जाएगा रामायण का पाठ

मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के फैसले के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बड़ी घोषणा की है जिसमें बताया गया है कि अब फिलॉसफी के फर्स्ट इयर के छात्रों को रामायण का पाठ पढ़ाया जाएगा ये पाठ्यक्रम सरकार द्वारा जारी किया जाएगा. इसके साथ ही रामचरित मानस का व्यावहारिक ज्ञान के नाम से एक पूरा पेपर भी होगा. इस पेपर में रामचरित मानस से जुड़े आदर्शों के बारे में भी बताया जाएगा.

बताया जा रहा है कि इस पेपर में पांच इकाइयों में वेद उपनिषद और पुराणों में उल्लेख किए गए आदर्शों और गुणों की व्याख्या पढ़ाई जाएगी, इसके अलावा रामायण व रामचरितमानस में अंतर भी बताया जाएगा.पूरे विस्तार से भगवान के सभी गुणों को इस पूरे पाठ्यक्रम में बताया जाएगा.

उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने एक मीडिया एटरवीयू में कहा है कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत कॉलेजों में ‘रामचरितमानस का व्यावहारिक दर्शन’ नाम से सिलेबस तैयार किया जा रहा है. इस पाठ्यक्रम का 100 नंबर का पेपर भी दिया जाएगा. मंत्री मोहन यादव का कहना है कि  नई शिक्षा नीति में 131 प्रकार के कोर्स लाए गए हैं जिनमें से रामचरिसमानस व रामायण सबसे खास है.

उच्च शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि रामायण के अंदर ऐसी बहुत सी बातें हैं जो कि हर छात्र को पता होनी चाहिए. इसमें मुझे गलत नहीं लगता है. भारत में अगर भगवान राम का नाम नहीं आएगा तो क्या पाकिस्तान में आएगा. इन विषय को हमने उर्दू भाषा में जोड़ा जिसे हमे गजल के रूप में पढ़ाएंगे. वहीं राम सेतु से जुड़ी जानकारी इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए जरूरी है,ताकि उन्हें ये मालुम हो सके की भारत की ने हजारों साल पहले ही साइंस में महारत हासिल कर ली थी.