बढ़ेगी एयर फोर्स की ताकत: सरकार ने प्राइवेट सेक्टर की सबसे बड़ी डिफेंस डील रतन टाटा की झोली में डाली

शुक्रवार को रक्षा मंत्रालय ने  56 ‘सी-295’ ट्रांसपोर्ट विमानों की खरीद के लिए स्पेन की एयरबस डेफेंस स्पेस के साथ करीब 22000 करोड़ रूपए के अनुबंध  पर हस्ताक्षार किए हैं. इन मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को टाटा और एयरबस मिलकर भारत में ही तैयार करेगी.

ये ऐसी पहली योजना है जिसमें एक निजी कंपनी द्वारा भारत में सैन्य विमान का निर्माण किया जाएगा. बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ सालों के अंदर 6000 से ज्यादा रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है.रक्षा मंत्रालय के मुताबिक जब अब तक यह जिम्मा सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के पास था. अब पहली बार कोई निजी कंपनी देश के लिए मिलिट्री एयरक्राफ्ट बनाकर तैयार करेगी.

डील के अनुसार 16 विमान एयरबस डिफेंस (स्पेन) से आयात किए जाएंगे जबकि बाकी विमान 10 साल में टाटा की फैसिलिटी में तैयार किए जाएंगे. रिपोर्ट के अनुसार 2012 से ही 56 C295MW ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट पर काम चल रहा है. लेकिन अब इस साल ये मामला CCS के पास पहुंचा था.

 सुरक्षा पर मंत्रिमंडल की एक समिति ने दो हफ्ते पहले लंबे समय से अटके इस सौदे को मंजूरी दी थी. दरअसल सी-295 विमान पुराने पड़ चुके वायु सेना के एवरो-748 विमानों का स्थान लेंगे.वहीं रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ए भारत भूषण बाबू ने ट्टीट करते हुए कहा कि भारतीय वायु सेना के लिए  56 सी-295 ट्रांसपोर्ट विमान खरीदने के वास्ते रक्षा मंत्रालय और स्पेन की एयरबस डिफेंस एंड के बीच संबंध हुआ है जिसमें एयरबस डिफेंस एंड स्पेस समझौते पर हस्ताक्षर के 48 महीनों के भीतर उड़ान में सक्षम 16 विमान तैयार कर सैंपेगी. इसके अलावा बाकी के जो 40 विमान होंगे उन्हें भारत में ही तैयार किया जाएगा. ये सभी विमान अनुबंध पर हुए हस्ताक्षर के 10 वर्षों के अंदर ही बनाएं जाएंगे.