तालिबान से हिंदू संगठन की तुलना पर जावेद अख्तर के खिलाफ प्रदर्शन, शिवसेना का आया बयान

जावेद अख्तर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना तालिबान से की है,जिसके बदले में शिवसेना ने जवाब देते हुए मुखपत्र सामना में लिखा है कि आरएसएस की तुलना तालिबान से करना गलत है, स्वयंसेवक एक हिंदू राष्ट्र निर्माण की अवधारणा सौम्य है। यदि आरएसएस तालिबान की तरह सोच रखता तो यहां तीन तलाक को खत्म नहीं किया जाता. यहां सभी मुस्लिम महिलाओं को पूरी तरह से आजादी है.

शिवसेना की और से आगे लिखा गया कि तालिबानी शासन मानव जाति के लिए एक बेहद बड़ा खतरा है. पाकिस्तान चीन जैसे देश इसके सर्मथन में आए हुए हैं,लेकिन भारत की मानसिकता वैसी नहीं रही है,  कुछ लोग ऐसे हैं जो कि  लोकतंत्र के बुरखे की आड़ में कुछ लोग तानाशाही लाने का प्रयास कर रहे हैं, फिर भी उनकी एक सीमा है। तालिबान ने अफगानिस्तान पर सत्ता हासिल करने के बाद उसे नर्क बना दिया है. वहां महिलाओं पर जुर्म किए जा रहे हैं, वहां की जनता अपने देश को छोड़कर दूसरे देशों में भाग रही है,हिंन्दुस्तान में ऐसा नहीं है.

बता दें कि जावेद अख्तर वैसे तो हमेशा से ही अपनी तीखी बयान बाजी के लिए आगे रहते हैं.जावेद अख्तर ने कट्टरपंथियों की परवाह किए बगैरह वंदे मातरम गाया था ,फिर भी आरएएस की तुलना तालिबान से करना हमें अस्वीकार्य है।

शिवसेना का ये लेख आने के बाद अब बिजेपी ने हमला किया है, बीजेपी विधायक राम कदम ने ट्वीट किया है शिवसेना जलेबी की तरह गोल गोल भाषा बोल रही है, शिवशेना स्वीकार कर रही है कि जावेद अख्तर ने गलत कहा कि लेकिन इसके बाद भी अभी तक गिरफ्तारी की मांग क्यों नहीं की है. किसने रोका है.

बता दें कि गीतकार जावेद अख्तर इस समय विवादों में घिर गए हैं,वहीं बीजेपी नेता राम कदम ने उनके घर के बाहर प्रदर्शन करते हुए कहा कि उन्हें अपने बयान के लिए मांफी मागी चाहिए. इस भड़काऊ भाषण के चलते मुबंई पुलिस ने इनके आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है,महिला कांस्टेबल सहित सुरक्षा कर्मियों को गीतकार जावेद अख्तर के घर के बाहर तैनात किया गया है।