आखिर क्यों ऑफिस, सिनेमा हॉल और मॉल के वाशरूम में टॉयलेट गेट नीचे से कटे होते हैं?

हम से कई लोग रोज ऑफिस जाते हैं, वीकेंड्स पर सभी सिनेमा हॉल में पिक्चर देखने के लिए जाते हैं और मॉल तो एक ऐसी जगह है जहां पर बच्चे हों या बूढ़े सभी जाते हैं। ज़ाहिर सी बात है की नेचर कॉल हम से पूछ के तो आएगी नहीं! अब ऐसे मैं हम ऑफिस के सिनेमा हॉल और मॉल में वाशरूम के टॉयलेट्स यूज करते है, अक्सर जल्दी-जल्दी में हम ध्यान नहीं देते पर क्या आपने कभी गौर किया है की वहां के टॉयलेट गेट नीचे से कटे हुए होते हैं। आप में से कई लोग होंगे जिनको इसके पीछे की वजह मालूम नही होगी, तो चलिएआज हम आपको बताते हैं की आखिर क्यों ऑफिस, सिनेमा हॉल और मॉल के टॉयलेट गेट नीचे से कटे होते हैं….

गेट के नीचे से कटे होने के पीछे कोई रॉकेट साइंस नही है नाही कोई वैज्ञानिक आधार लेकिन इसके कई सारे फायदे जरूर हैं।आइये एक-एक करके विस्तार से हम इसके फायदे आपको बताते हैं।

सफोकेशन न होने की गुंजाईश
अगर टॉयलेट क्लोज्ड स्पेस में होगा तो हवा का फ्लो अंदर तक नहीं जा पाएगा, ऐसे में अगर किसी व्यक्ति को सांसों से जुड़ी तकलीफ होगी तो टॉयलेट यूज करने के दौरान थोड़ा रिस्की साबित हो सकता है, ऐसे में अगर दरवाजा नीचे से छोटा होगा तो किसी भी शख्स को मुश्किल वक्त में जल्दी मदद मिलेगी।

धूम्रपान निषेध है!

अक्सर लोग पब्लिक टॉयलेट में बैठकर सिगरेट, बीड़ी, चरस, गांजा, गुटखा जैसी चीजों का सेवन करते हैं ऐसे में गेट अगर नीचे से कटे हुए होंगे तो जैसे ही कोई भी व्यक्ति अगर ऐसे चीजों का इस्तेमाल करेगा तुरंत धुआं नीचे से बाहर आने लगेगा। ऐसे में लोगो के अंदर डर बना रहेगा और कोई भी ऐसी जगहों पर नशे-पान आदि जैसी चीजें नहीं करेगा।

नो डिस्टरबेंस, नो कन्फ्यूजन


कई बार पब्लिक टॉयलेट्स के दरवाजे खराब होते हैं जिस वजह से हम कन्फ्यूजन के चक्कर में बाहर वेट करते रह जाते हैं बाद में पता चलता है की आप फालतू में ही इंतजार कर रहे थे किसी के निकलने का और अंदर तो कोई था ही नही! ऐसे में अगर टॉयलेट गेट नीचे से छोटे होंगे तो नीचे से पैरो को देखकर पता कर लेंगे की अंदर कोई है जिससे आप कन्फ्यूज भी नही होंगे और नाही जब आप अंदर होंगे तो कोई गेट खटखटा कर आपको डिस्टर्ब करेगा।

चीजों का हो सकेगा आदान-प्रदान!

टॉयलेट का इस्तेमाल करते समय कभी-कभी इमरजेंसी हो जाती है जैसे की महिलाओं को टॉयलेट के समय अगर पीरियड्स हो जाए तो वह बाहर से पैड मांग सकेंगी या फिर कभी टॉयलेट पेपर खत्म हो जाए तो आप टॉयलेट पेपर मांग सकते हैं। जल्दी-जल्दी में अगर आपने अपना फोन बाहर ही रख दिया है और बीच में फोन की घंटी बजने लगे तो आप इस छोटे स्पेस के ज़रिये अपना फोन अंदर ले सकेंगे।

साफ-सफाई की दिक्कतें होंगी दूर
पब्लिक टॉयलेट में हाइजीन और सेफ्टी की कोई गारंटी नहीं होती ऐसे में कई लोगों को इन्फेक्शन जैसी बीमारियां हो जाती हैं जिसको लेकर हॉस्पिटल के चक्कर काटने पड़ते हैं। इसलिए गेट का छोटा होना क्लीनिंग के लिए फायदेमंद होता है। दूसरा यह की अगर दरवाजा ज़मीन से बिलकुल सटा हुआ होगा तो पानी और नमी की वजह से लगातार नुक्सान होता रहेगा, अब ऐसे में गेट का निचे से छोटा होना कितना लाभकारी आप खुद ही देख सकते हैं।