गणेशोत्सव के लिए राज्यों ने जारी की गाइडलाइन्स, जानिए अपने राज्य के बारे में

गणपति बप्पा मोरिया! घर-घर में गणपति बप्पा बस आने ही वाले हैं. 10 सितंबर, शुक्रवार को गणेश चतुर्थी है, जिसके लिए पूरे देश में तैयारियां चल रही हैं लेकिन कोरोना वायरस को देखते हुए ज्यादा बड़े स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जा सकेगा.

मालूम हो कि, पिछले साल भी कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए भव्य आयोजन पर रोक थी. वहीं, इस साल भी कोरोना की स्थिति पर काबू पाने के लिए अलग-अलग राज्यों में गणपति उत्सव के लिए गाइडलाइन्स जारी कर दी गयी है. आइए जानते हैं अलग-अलग राज्यों द्वारा जारी हुई गाइडलाइन्स:-

महाराष्ट्र:- बीएमसी की गाइडलाइन्स के मुताबिक, गणपति मंडप का सैनिटाइजेशन समय-समय पर होते रहना चाहिए और थर्मल स्क्रीनिंग का भी इंतजाम होना चाहिए. मुंबई में केवल 519 मंडलों को गणपति पंडाल स्थापित करने की अनुमति है. कोशिश करें कि घर में ही विसर्जन किया जाएं। पूजा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बजाय स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियां की जा सकती हैं. आरती, कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम के दौरान लोगों की भीड़ जमा न हो और सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन न किया जाए. श्रद्धालुओं को मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा. श्री गणेश भगवान के आगमन और विसर्जन का जुलूस कार्यक्रम नहीं होगा.

दिल्ली:- कोरोना के मद्देनजर इस बार गणेश चतुर्थी पर लालबाग के राजा का दरबार नहीं सजेगा. आम आदमी पार्टी सरकार के अनुरोध पर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में गणेश पूजा के लिए पंडाल लगाने वाली समितियों ने इस बार भी पंडाल नहीं लगाने का निर्णय लिया है।

आंध्र प्रदेश:- आंध्र प्रदेश में पांडालों को अनुमति नहीं है. मूर्ति विसर्जन के जुलूस भी नहीं निकाल सकेंगे.

मध्य प्रदेश:- राज्य में धार्मिक जुलूस नहीं निकाले जा सकेंगे. गणेश विसर्जन में ज्यादा से ज्यादा केवल 10 लोग ही शामिल होंगे. त्योहारों के मद्देनजर नाइट कर्फ्यू और बाकी पाबंदियां जारी रहेंगी.

कर्नाटक:- राज्य में 5 दिवसीय गणेश चतुर्थी समारोह पर रोक है. राज्य में रात 9 बजे के बाद कोई उत्सव नहीं होगा. गणेशोत्वस और विसर्जन के लिए 20 से अधिक लोगों को अनुमति नहीं है. गणेश चतुर्थी समारोह के दौरान भोजन और प्रसाद के वितरण की अनुमति नहीं है. 2% से अधिक कोविड सकारात्मकता दर वाले जिलों में समारोह नहीं हो सकेगा. बताते चलें कि, सरकार की ओर से कोरोना महामारी पर काबू पाने के लिए भव्य स्तर पर कार्यकर्मों को करने की अनुमति नहीं है.