तालिबान से संघ की तुलना करने पर जावेद अख़्तर को मिले मानहानि के दो नोटिस

संघ और तालिबान से तुलना करने की बात पर गीतकार जावेद अख्तर की मुश्किलें बढ़ गई हैं. संघ की तुलना तालिबान से करने वाले बयान को लेकर एक वकील ने उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है, जबकि एक अन्य वकील ने भी मानहानि का नोटिस भेजकर कहा है कि वह 100 करोड़ का मुआवजा मांगेंगे.
अख्तर के खिलाफ संघ से जुड़े एडवोकेट धृतिमान जोशी ने कुर्ला कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जोशी ने कहा कि उन्होंने चार सितंबर को एक कार्यक्रम देखा था जो आतंकवादी समूह तालिबान पर था जिसमें अख्तर ने तालिबान की तुलना संघ से की थी। जोशी ने अपनी शिकायत में कहा है कि आरोपी (अख्तर) ने सोच-समझकर यह बयान दिया था, इसलिए ऐसे लोगों को हतोत्साहित, तिरस्कृत और गुमराह करने पर जो संघ से जुड़े हैं या शामिल होने के करीब हैं.


जोशी के अलावा मुंबई के एक वकील संतोष दुबे ने भी गीतकार जावेद अख्तर के खिलाफ केस दर्ज कराया है. उन्होंने अख्तर की टिप्पणी को “झूठा और अपमानजनक” करार दिया है और बिना शर्त माफी की मांग की है। एडवोकेट संतोष दुबे ने कहा है कि अगर जावेद अख्तर बिना शर्त लिखित माफी नहीं मांगते हैं और नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर, उन्होंने सभी बयान वापस नहीं लिए हैं, तो वह उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला भी दर्ज कर मुआवजे की मांग करेंगे, 100 करोड़ रु.

वकील ने नोटिस में कहा कि इस तरह की प्रेस विज्ञप्ति आईपीसी की धारा 499 (मानहानि) और 500 (मानहानि की सजा) के तहत आती है.
आपको बता दें कि जावेद अख्तर (76) ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान कथित तौर पर तालिबान और हिंदू चरमपंथियों में समानता का दावा किया था। अख्तर ने यह कथित टिप्पणी एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में की। अख्तर ने कहा था कि पूरी दुनिया में दक्षिणपंथियों के बीच विलक्षण समानता है। आरएसएस का नाम लिए बिना गीतकार ने कहा था, ‘तालिबान एक इस्लामिक देश चाहता है। ये लोग हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं।