अलीगढ़ पहुँचे PM मोदी ने सुनाया बचपन का क़िस्सा- मुस्लिम ताले वाले से ऐसे हुई थी पिता की दोस्ती

उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ 2 चीजों के लिए प्रसिद्ध है। पहला- अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एमएमयू), दूसरा- ताला। ताला उद्योग का नाम दुनिया में हर जगह है। मंगलवार (14 सितंबर, 2021) को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहर में आए तो वे भी ताले की बात करने से खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने कहा कि यहां ताले बेचने वाले सेल्समैन से उनके पिता की अच्छी मित्रता हुआ करती थी। उन्होंने बताया कि अलीगढ़ के एक ताला बेचने वाले से उनके पिता की दोस्ती इतनी गहरी थी कि वह उनके पिता के पास अपने पैसे सुरक्षित रखवा जाया करते थे।


दरअसल, पीएम मंगलवार को राजा महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी का आधारसील रखने आए थे। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘लोग अब तक अपने घर और दुकान की सुरक्षा के लिए अलीगढ़ पर विश्वास करते हैं। क्योंकि अगर यहां ताला लगा होता था तो लोगों को सुकून रहता था।

पीएम ने कहा, ‘मैं आज बचपन के बारे में बात करना चाहता हूं। बात करीब 55-60 साल पुरानी है। हम बच्चे थे। अलीगढ़ से ताला सेल्समैन हुआ करते थे… एक मुसलमान मेहरबान थे वह हर तीन महीने में हमारे गांव आया करते थे। मुझे याद है कि वह काली जैकेट पहना करते थे। एक सेल्समैन के रूप में, वह दुकानों के भीतर अपने ताले रख जाते थे और तीन महीने बाद नकदी ले जाते थे। वह गाँव के आस-पास के व्यापारियों के पास भी जाते और ताले प्रदान करते। ”
मोदी के अनुसार, “मेरे पिता के साथ उनकी वास्तव में अच्छी दोस्ती थी। जब वह आते थे तो चार-पांच दिन हमारे गांव जरूर रुका करते थे। वह दिन के दौरान जो भी पैसा लाते थे, वह मेरे पिता के पास नकद छोड़ देते थे। और जाते समय वह पिता से पैसे लेकर ट्रेन से निकल जाते थे।