Video: KBC 13 में नीरज चोपड़ा ने हरियाणवी अंदाज में दोहराए Big B के मशहूर डायलॉग, हॉकी के गोलकीपर श्रीजेश भी रहे मौजूद

KBC 13 में बिग-बी के स्पेशल गेस्ट बने नीरज चोपड़ा और श्रीजेश  

KBC 13 में बिग-बी के स्पेशल गेस्ट बने नीरज चोपड़ा और श्रीजेश  

खेल। टोक्यो ओलंपिक 2020 (Tokyo Olympics 2020) में देश को गोल्ड मेडल दिलाने वाले नीरज चोपड़ा (Neeraj chopra) के आज हर जगह चर्चे हैं। इसी कड़ी में एक बार फिर वह सुर्खियों में हैं। इस बार नीरज चोपड़ा सोनी टीवी के रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' में नजर आएंगे। ये एपिसोड 17 सितंबर को 'शानदार शुक्रवार' को देखा जा सकता है। इसमें नीरज के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम (Indian hockey team) के गोलकीपर पीआर श्रीजेश (PR Sreejesh) भी महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के स्पेशल गेस्ट बने। इस दौरान दोनों ने ही अपने स्ट्रगल की कहानी सुनाई और खूब मस्ती भी की।

इस दौरान गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा ने होस्ट अमिताभ बच्चन को हरियाणवी सिखाई। साथ ही बिग बी के मशहूर डायलॉग भी हरियाणवी में दोहराए। वहीं शो के मेकर्स ने इस एपिसोड के कुछ प्रोमो रिलीड किए हैं। इनमें से एक प्रोमो में द वॉल के नाम से मशहूर पीआर श्रीजेश बिग बी से कहते हुए दिखते हैं कि आज हम दोनों आपको हरियाणवी सिखाने आए हैं। जिसे सुनकर अमिताभ घबरा जाते हैं और उनके मुंह से 'हे! भगवान' निकल जाता है।

वहीं नीरज चोपड़ा सबसे पहले अमिताभ से उनकी फिल्म जंजीर का मशहूर डायलॉग हरियाणवी में बुलवाते हैं। पहले वह खुद डायलॉग को बोलते हैं उसके बाद बिग बी उनकी ही तरह बोलने की कोशिश करते हैं। बता दें कि नीरज बिग बी को जंजीर फिल्म का मशहूर डायलॉग, "ये पुलिस स्टेशन है तुम्हारे बाप का घर नहीं।" हरियाणवी में सिखाते है।

यही नहीं नीरज एक के बाद एक डायलॉग बिग बी को हरियाणवी में सिखाते हैं। इसके बाद भी अमिताभ भी कहां पीछे रहने वाले थे उन्होंने भी नीरज का टेस्ट ले लिया और उन्हें अपना फेवरिट डायलॉग, "कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है कि..." कहने के लिए डायलॉग पूरा करने की कोशिश ही करते हैं कि नीरज बिग बी के डायलॉग पूरा करने से पहले ही उसे हरियाणवी में पूरा कर देते हैं।

शो में नीरज और श्रीजेश ने अपने संघर्ष की कहानी भी बयां की। श्रीजेश ने बताया कि जब साल 2012 में हॉकी टीम एक भी मैच नहीं जीती और वापस भारत लौटी तो सभी लोगों ने उनका मजाक उड़ाया था। वहीं नीरज कहते हैं कि जब वो पहली बार स्टेडियम गए थे तब सिर्फ 30-40 मीटर का थ्रो ही कर पाते थे, लेकिन 40 से 80 मीटर तक का सफर तय करने में उन्हें 10 साल का लंबा समय लग गया।