सिंघु बॉर्डर पर युवक की हत्या के 15 घंटे बाद सामने आया पहला आरोपी, एक निहंग ने किया सरेंडर

सिंघु बॉर्डर पर युवक की हत्या के 15 घंटे बाद एक निहंग ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है. दरअसल शुक्रवार को शाम 6 बजे कुंडली थाने से पुलिस सिंघु बॉर्डर पर निहंगों के डेरे में पहुंची थी. कुछ पुलिस वाले पंडाल के बाहर ही खड़े रहे थे और सोनीपत पुलिस टीम के कुछ बाकी मेंबर निंहगों के पंडाल में पहुंच गए थे. पुलिस के पंडाल में पहुंचते ही सरबजीत सिंह नाम के निहंग ने पुलिस टीम के सामने खुद को सरेंडर कर दिया. 


मिली जानकारी के अनुसार  शुक्रवार सुबह 5 बजे युवक की हत्या हुई थी. युवक का हाथ काटकर किसानों के मंच के सामने लटका दिया था. सरबजीत सिंह शाम 6.15 बजे DSP वीरेंद्र राव की अगुआई में पुलिस टीम के साथ डेरे से गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन के लिए निकला था. निहंगों ने इस दौरान बोले सो निहाल के नारे भी लगाएं थे. सरबजीत सिंह को सरेंडर से पहले सिरोपा पहनाया था. जो केसरिया रंग का वस्त होता है इसे सम्मान का प्रतीक माना जाता है. वहीं सरेंडर के बाद सरबजीत ने कहा था कि किसान आंदोलन नहीं बल्कि गुरू ग्रंथ साहिब के साथ बेअदबी का मामला है.

बता दें कि दिल्ली -हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर एक दिल दहलाने वाली घटना हुई थी. इस दौरान एक युवक की बड़ी बेरहमी से हत्या की गई थी, पुलिस जांच के अनुसार युवक की हत्या करने से पहले उसे 100 मीटर तक घसीटा था फिर उसके हाथ काटे थे और फिर धरनास्थल के मंच पर उसकी लाश को लटका दिया था.

बता दें कि इस मामले के पीछे निहंगो का हाथ बताया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार इस युवक ने गुरु ग्रंथ साहब की बेअदबी की थी. सुबह करीब 6.00 बजे शव को लटका दिया था ताकि लोग उसे देख सके.