मोतिहारी जेल से जुड़े आर्यन केस के तार, बिहार से मुंबई लाई गई थी ड्रग्स, हैरान कर देगा ये मामला

क्रूज पर ड्रग्स पार्टी का कनेक्शन अब बिहार तक पहुँच गया है। दरअसल शरूखान के बेस्ट आर्यन के साथ जिन आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, उनमें मोतिहारी सेंट्रल जेल में बंद ड्रग्स तस्कर विजय वंशी प्रसाद का एक रिश्तेदार भी शामिल था। ये सनसनीखेज खुलासा तब हुआ जब मुंबई से NCB की टीम मोतिहारी पहुंची। यहां की जेल में बंद ड्रग्स तस्करों को एनसीबी रिमांड पर लेने की प्रक्रिया पूरी कर रही है।

जानकारी के अनुसार, क्रूज पर ड्रग्स पार्टी के दौरान आर्यन खान के साथ जिन आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी, उनमें मोतिहारी सेंट्रल जेल में बंद ड्रग्स तस्कर विजय वंशी प्रसाद का एक रिश्तेदार भी शामिल था जिसने विजय वंशी प्रसाद के संबंध में एनसीबी को जानकारी दी है की विजय बिहार के मोतिहारी सेंट्रल जेल में अपने साथियों के साथ बंद है। खुलासे के बाद NCB ने मोतिहारी पुलिस से संपर्क कर इसकी जानकारी ली। बता दें एनसीबी ने न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर मो. उस्मान और विजय वंशी प्रसाद को रिमांड पर मुंबई ले जाने की तैयारी में जुट गई है।

आर्यन खान केस के तार मोतिहारी से जुड़े हुए हैं क्यूंकि NCB की जो टीम मुंबई पहुंची है वो मुंबई के पूर्वी मलाड के शिवशिक्त मंडल, अंबेडकर सागर निवासी मो. उस्मान शेख, मलाड पूर्वी के कुरार विलेज के सत्यवीर यादव, आनंदेश नगर अजाबाड़ा के विजय वंशी प्रसाद से पूछताछ करने की दिशा में कार्रवाई कर रही है। इन सभी को NCB की टीम सात दिनों के लिए मुंबई ले जाएगी। इसके लिए कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसको लेकर NCB की टीम और कांदीवली वेस्ट थाने की पुलिस मोतिहारी में कैंप कर रही है।

इससे पहले NCB मुंबई ने मुजफ्फरपुर के टाउन और मोतिहारी के चकिया थाने से जेल में बंद नेपाल, महाराष्ट्र और बाकी ड्रग्स तस्करों की जानकारी मांगी थी। जानकारी के अनुसार तस्कर नेपाल से मोतिहारी के रास्ते कार से ड्रग्स की तस्करी कर सड़क मार्ग से ही महाराष्ट्र तक पहुंचाते थे। 19 सितंबर 2020 को मुजफ्फरपुर नगर थाने की पुलिस ने सरैयागंज और बालूघाट से 6 और मोतिहारी की चकिया पुलिस ने चकिया से उस्मान और विजय वंशी को भारी मात्रा में गांजा के साथ दबोचा था। इनके खिलाफ चकिया और मुजफ्फरपुर के टाउन थाने में केस भी दर्ज है। इधर जेल प्रशासन के अधिकारी ने आरोपियों को रिमांड पर लेने की खबर से इनकार किया है। जेल अधीक्षक ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद कागजी खानापूर्ति के बाद ही मोतिहारी सेंटल जेल में बंद तस्करों को रिमांड पर दिया जा सकता है।