अपने जन्मदिन के दिन अमिताभ बच्चन ने लोगों के लिए इस बड़ी कंपनी के साथ तोड़ा अपना कॉन्ट्रेक्ट, रणवीर का नहीं कोई अता-पता

अमिताभ बच्चन और रणवीर सिंह

अमिताभ बच्चन और रणवीर सिंह

बॉलीवुड के महानायक सुपरस्टार अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) का आज जन्मदिन है। एक्टर ने अपने बर्थडे पर एक खास कदम उठाया है। उन्होंने कमला पसंद पान मसाला (Kamla Pasand Pan Masala) ब्रांड के साथ अपना कॉन्ट्रेक्ट खत्म कर दिया है। अमिताभ ने ये सराहनीय कदम एक नेशनल एंटी- टोबैको ऑर्गेनाइजेशन की रिक्वेस्ट पर उठाया है। वेटेरन एक्टर के फैंस ने भी उनके इस ब्रांड को प्रमोट करने के फैसले पर सवाल उठाया था।

अमिताभ बच्चन की टीम की तरफ से एक स्टेटमेंट जारी कर इस बात की जानकारी दी गई है। स्टेटमेंट में लिखा है, "ऐड के टीवी पर टेलीकास्ट होने के कुछ दिनों बाद, श्री बच्चन ने ब्रांड से संपर्क किया और पिछले हफ्ते इससे बाहर हो गए हैं। इस अचानक लिए गए फैसले की जांच करने पर - यह पता चला कि जब मिस्टर बच्चन ब्रांड से जुड़े थे, तो उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह सरोगेट ऐड के अंतर्गत आता है। श्री बच्चन ने ब्रांड के साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया है, उन्होंने खुद को ब्रांड से हटाने के लिए लिखा है और प्रमोशन के लिए मिले रुपयों क वापस कर दिया है।" आपको बता दें सेरोगेट ऐड टर्म उन ऐड के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो सिगरेट और शराब जैसे बैन किए गए प्रोडक्ट को प्रमोट करने के लिए किया जाता है। हाल ही में टीवी पर प्रसारित हो रहे इस ऐड में एक्टर रणवीर सिंह (Ranveer Singh) भी नजर आए थे, लेकिन फिलहाल अभी उनकी ओर से इस बात पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

अमिताभ बच्चन के इस ऐड पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उनके प्रशंसक ने उनसे फेसबुक पर पूछा था, "नमस्कार सर, मेरे पास आपके लिए सिर्फ एक सवाल है। आपको पान मसाला ब्रांड के बारे में विज्ञापन देने की क्या आवश्यकता है? फिर आपमें और इन छोटे-छोटे कलाकारों में क्या फर्क है?" इस सवाल का शांति से जवाब देते हुए बिग बी ने समझाया, "मैं आपसे माफी मांगता हूं। अगर कोई अपने उद्योग में अच्छा कर रहा है, तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि 'मैं इससे क्यों जुड़ा हूं?' यदि वह व्यवसाय है तो हमें भी अपने व्यवसाय के बारे में सोचना चाहिए।अब, आपको लगता है कि मुझे यह नहीं करना चाहिए था, लेकिन ऐसा करने से मुझे वेतन मिलता है और हमारे पेशे में काम करने वाले बहुत से लोग हैं, जो श्रमिक हैं, और एक तरह से उन्हें भी काम और पैसा मिलता है। इसके अलावा, सज्जनों, कृपया 'तत्पुंजिया' शब्द का प्रयोग न करें। यह आपकी ओर से अच्छा नहीं लगता है और यह हमारे उद्योग से संबंधित सभी कलाकारों के अनुरूप नहीं है।"