माँ से कहा- आज चाँद नहीं दिख रहा है, चाँद देख कर आते हैं, फिर बालकनी में हुआ दिल दहलाने वाला हादसा

गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार के प्रतीक ग्रैंड में एक दर्दनाक हादसा हुआ जिसमे बालकनी में रात को एक साथ बैठे दो जुड़वा भाइयों की संदिग्ध हालात में 25वें फ्लोर से गिर कर मौत हो गई। यह घटना शनिवार रात को हुआ, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। बच्चों की पहचान सत्य और सूर्य के तौर पर हुई है जो की नौवीं कक्षा के छात्र थे।

जानकारी के अनुसार मूल रूप से चेन्नै के रहने वाले पलानी मुदलिया अपने परिवार के साथ प्रतीक ग्रैंड सोसायटी में 25वें फ्लोर पर रहते हैं। उनके परिवार में पत्नी एक बेटी और ये दोनो जुड़वा बच्चे रहते थे । इन जुड़वा बच्चों के पिता ऑफिस के काम से मुंबई गए थे। उस रात करीब साढ़े 10 बजे टीवी देखने के बाद सत्य और सूर्य की मां राधा सो गई थीं। करीब 12 बजे राधा की आंख खुली राधा ने देखा कि उनके दोनों बेटे बालकनी में थे। राधा ने दोनो से सोने के लिए कहा इस पर बच्चों ने कुछ देर में आने के लिए कहा और मां से पानी भी पीने के लिए मांगा। बताया जा रहा है की बच्चो ने मां से यह भी कहा की आज चांद नहीं दिख रहा है, चांद देखकर आते हैं। राधा तब तो अंदर चली जाती हैं पर थोड़े देर बाद जैसे ही वह बाहर आती हैं तो उन्हें हादसे के बारे में पता चला। जिसके बाद वो बच्चो को फौरन अस्पताल लेके गई और अपने पति को इनफॉर्म किया। अस्पताल में डॉक्टर ने बच्चो को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस इस मामले की जांच कई एंगल से कर रही है। वैसे अभी तक इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। बता दें बालकनी में एक चेयर पटा रखा हुआ मिला है। पुलिस द्वारा सोसायटी के सीसीटीवी फुटेज को चेक किया जा रहा है साथ ही घटना को लेकर जितनी भी बातें सामने आई है सारी चीजों को बारीकी से वेरीफाई किया गया जा रहा है।
बालकनी में जो दिखा, उसमें बच्चों के कोई मोबाइल गेम खेलने की भी बात कही गई। हालांकि इस मामले में प्राथमिक जांच में पुलिस को कोई सटीक जानकारी नहीं मिली है। विजयनगर थाना प्रभारी योगेंद्र मलिक ने बताया कि दोनों बच्चों के मोबाइल को चेक किया गया। उसकी हिस्ट्री में कोई गेम प्ले नहीं मिला है। इसके बाद भी अन्य जांच के लिए मोबाइल को आगे भेजा जाएगा। अगर हिस्ट्री को हटाया गया होगा, तो उसके बारे में जानकारी मिल जाएगी।

घटना के बाद पूरा परिवार भारी सदमे में है। सत्य और सूर्य की मां बार बार रोते हुए सिर्फ यही कह रहीं थीं कि अगर उन्होंने दोनों को अंदर ले जाकर सुला दिया होता, तो शायद ये हादसा नहीं होता। परिवार के लोगों ने दोनों बच्चों के व्यवहार में कुछ भी असामान्य होने से इनकार किया है। पुलिस सभी पॉइंट की जांच कर रही है। जिसमें सोसायटी के लोगों से भी बात भी की जा रही है। जानकारी के अनुसार सूर्य सत्य से एक मिनट बड़ा था। दोनों हमेशा एक साथ रहते थे। एक ही स्कूल और एक ही क्लास में पढ़ाई करते थे। सोसायटी के लोगों के अनुसार दोनों भाई हर वक्त एक साथ होते थे। ऐसा कभी देखने को नहीं मिला कि एक भाई घर पर हो और दूसरा बाहर।गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार के प्रतीक ग्रैंड में एक दर्दनाक हादसा हुआ जिसमे बालकनी में रात को एक साथ बैठे दो जुड़वा भाइयों की संदिग्ध हालात में 25वें फ्लोर से गिर कर मौत हो गई। यह घटना शनिवार रात को हुआ, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। बच्चों की पहचान सत्य और सूर्य के तौर पर हुई है जो की नौवीं कक्षा के छात्र थे।

जानकारी के अनुसार मूल रूप से चेन्नै के रहने वाले पलानी मुदलिया अपने परिवार के साथ प्रतीक ग्रैंड सोसायटी में 25वें फ्लोर पर रहते हैं। उनके परिवार में पत्नी एक बेटी और ये दोनो जुड़वा बच्चे रहते थे । इन जुड़वा बच्चों के पिता ऑफिस के काम से मुंबई गए थे। उस रात करीब साढ़े 10 बजे टीवी देखने के बाद सत्य और सूर्य की मां राधा सो गई थीं। करीब 12 बजे राधा की आंख खुली राधा ने देखा कि उनके दोनों बेटे बालकनी में थे। राधा ने दोनो से सोने के लिए कहा इस पर बच्चों ने कुछ देर में आने के लिए कहा और मां से पानी भी पीने के लिए मांगा। बताया जा रहा है की बच्चो ने मां से यह भी कहा की आज चांद नहीं दिख रहा है, चांद देखकर आते हैं। राधा तब तो अंदर चली जाती हैं पर थोड़े देर बाद जैसे ही वह बाहर आती हैं तो उन्हें हादसे के बारे में पता चला। जिसके बाद वो बच्चो को फौरन अस्पताल लेके गई और अपने पति को इनफॉर्म किया। अस्पताल में डॉक्टर ने बच्चो को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस इस मामले की जांच कई एंगल से कर रही है। वैसे अभी तक इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। बता दें बालकनी में एक चेयर पटा रखा हुआ मिला है। पुलिस द्वारा सोसायटी के सीसीटीवी फुटेज को चेक किया जा रहा है साथ ही घटना को लेकर जितनी भी बातें सामने आई है सारी चीजों को बारीकी से वेरीफाई किया गया जा रहा है।
बालकनी में जो दिखा, उसमें बच्चों के कोई मोबाइल गेम खेलने की भी बात कही गई। हालांकि इस मामले में प्राथमिक जांच में पुलिस को कोई सटीक जानकारी नहीं मिली है। विजयनगर थाना प्रभारी योगेंद्र मलिक ने बताया कि दोनों बच्चों के मोबाइल को चेक किया गया। उसकी हिस्ट्री में कोई गेम प्ले नहीं मिला है। इसके बाद भी अन्य जांच के लिए मोबाइल को आगे भेजा जाएगा। अगर हिस्ट्री को हटाया गया होगा, तो उसके बारे में जानकारी मिल जाएगी।

घटना के बाद पूरा परिवार भारी सदमे में है। सत्य और सूर्य की मां बार बार रोते हुए सिर्फ यही कह रहीं थीं कि अगर उन्होंने दोनों को अंदर ले जाकर सुला दिया होता, तो शायद ये हादसा नहीं होता। परिवार के लोगों ने दोनों बच्चों के व्यवहार में कुछ भी असामान्य होने से इनकार किया है। पुलिस सभी पॉइंट की जांच कर रही है। जिसमें सोसायटी के लोगों से भी बात भी की जा रही है। जानकारी के अनुसार सूर्य सत्य से एक मिनट बड़ा था। दोनों हमेशा एक साथ रहते थे। एक ही स्कूल और एक ही क्लास में पढ़ाई करते थे। सोसायटी के लोगों के अनुसार दोनों भाई हर वक्त एक साथ होते थे। ऐसा कभी देखने को नहीं मिला कि एक भाई घर पर हो और दूसरा बाहर।