विसर्जन करने गए श्रद्धालु खुद ही विसर्जित हो गये, जाने क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ जिसमे शामिल श्रद्धालु घायल हो गए जबकि एक श्रद्धालु की मौत हो गई । दरअसल मध्यप्रदेश के सिंगरौली दो निवासी गांजा की तस्करी कर ओडिसा जा रहे थे इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर छत्तीसगढ़ पुलिस तस्करों को पकड़ने के लिए उनके पीछा कर रही थी। आनन-फानन में पुलिस से बचने के लिए पत्थलगांव में श्रद्दालुओं के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी और इस हृदय विदारक घटना को अंजाम दिया।

बता दें इस घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए है, जिमसे से एक की मौत अब तक हो चुकी है। प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा माना जा रहा है की मौतों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है। मृत युवक की पहचान गौरव अग्रवाल के रूप में हुई है जो जशपुर के पत्थसलगांव का रहने वाला था जिसकी आयु 21 वर्ष थी। असल में घायल श्रद्धालु दुर्गा विसर्जन के मौके पर आयोजित जुलूस में शामिल होने आये थे तभी तस्करों ने अपनी एक्सयूवी कार से पत्थलगांव में श्रद्दालुओं को रौंद दिया और भागने लगे। घायल श्रद्धालु जमीन पर गिर पड़े और अन्य श्रद्धालु गाड़ी के पीछे भागे। इस दौरान पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए ट्रेलर अडाकर गांजा तस्कर को पकड़ लिया।

हादसे के तुरंत बाद घायलों को पत्थलगांव सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनकी पहचान बबलू विश्वकर्मा और शिशुपाल साहू से हुई है। पुलिस ने बताया है कि पकड़े गए दोनों आरोपी गांजा तस्कर हैं और मध्य प्रदेश के सिंगरौली के रहने वाले हैं, जिन्हें बाद में शहर के बाहरी इलाके से गिरफ्तार किया गया।