दिहाड़ी मजदूर की बेटी ने पास किया यूपीएसी एग्जाम और बन गई अधिकारी

यूपीएसी ने पिछले महिने ही सिविल सेवा एग्जाम 2020 के नतीजे घोषित हुए हैं, जिसमें शुभम कुमार टॉपर रहे थे. इसी तरह से केरल की एस अस्वथी ने भी चौथी रैंक हासिल कर अपने मां बाप का 15 साल पुराना सपना पूरा किया है.

जानकारी के लिए बता दें कि 27 27 वर्षीय एस अस्वथी आठवीं कक्षा से ही अधिकारी बनने का सपना देख रही है. 12 वीं के उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की फिर तिरुवनंतपुरम के गवर्नमेंट बार्टन हिल इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लिया इसके बाद 2015 अस्वथी कॉलेज के अंतिम साल में थी तब उनका प्लेसमेंट टीसीएस कोच्चि में हो गया, लेकिन उनके मन में सिविल सर्वेंट बनने का सपना अभी भी था.

टीसीेस ने नौकरी करने के साथ अस्वथी ने यूपीेससी एग्जाम की तैयारी शुरू करनी शुरू की,लेकिन वे नौकरी के साथ साथ अपनी पढ़ाई पर फोकस नहीं कर पा रही थी जिस वजह से उन्होंने 2017 में आईटी कंपनी की नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह से सीविल सेवा की तैयारी में जुट गई.

इतना ही अस्वथी ने नौकरी छोड़ने के बाद एस अस्वथी केरल राज्य सिविल सेवा अकादमी और तिरुवनंतपुरम में कुछ प्राइवेट एकेडमी से यूपीएससी एग्जाम की तैयारी की लेकिन उन्हें तब सफलता नहीं मिल पाई फिर इसके बाद भी हिम्मत नहीं हारी ौर चौथी बार एग्जाम देकर 481वीं रैंक हासिल की. इस सफलता पर अस्वथी का कहना है कि वो 15 साल से सिविल सर्वेंट बनने का सपना देख रही थी.   खबरों के अनुसार एस अस्वथी ने बताया कि यह सिविल सेवा परीक्षा का चौथा प्रयात था. मैनें इस परीक्षा को पास करने के लिए लिकने की प्रैक्टिस की थी ताकि मैं पेंपर में कंटेंट को अच्छे से लिख सकूं. दरअसल एस अस्वथी के पिता कुमार दिहाड़ी मजदूर हैं और और मां श्रीलता पी एक हाउस वाइफ हैं और उनका छोटा भाई एक आईटी फर्म में काम करता है.वहीं  एस अवस्थी के पिता का कहना है कि उन्होंने बहुत ही कठिन मेहनत से सिविल परीक्षा पास की है, मैं बहुत खुश हूं. मुझे अपनी बेटी पर गर्व है.