आंदोलन नहीं होगा वापस! जानिए पीएम मोदी के ऐलान के बाद टिकैत ने क्यों रखी ऐसी शर्त

गुरू नानक जयंती के 552वें प्रकाश पर्व के खास अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को बड़ी राहत दी है. पीएम मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान कर दिया है.


आपको बता दें कि पीएम मोदी की ओर से अचानक लिए हुए इस फैसले पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं. इस मामलें पर राजनीति ने भी तूल पकड़ा हुआ है. दरअसल, विपक्षी पार्टियों के कई नेता पीएम मोदी के इस फैसले पर उन्हें घेर रहें हैं. पीएम मोदी की ओर से हुए इस ऐलान पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ट्वीट पर बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि, आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा.


कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि, देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अहंकार का सर झुका दिया. अन्याय के खिलाफ ये जीत मुबारक हो! जय हिंद, जय हिंद का किसान!.


इसके अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी ट्वीट किया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, हर एक किसान को मेरी तरफ से हार्दिक बधाई, जिन्होंने संघर्ष किया और बीजेपी की क्रूरता के आगे नहीं झुके. ये आपकी जीत है! इस लड़ाई में अपने प्रियजनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है.


वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी के इस ऐलान पर खुशी जाहिर की है. सीएम केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि, आज प्रकाश दिवस के दिन कितनी बड़ी खुशखबरी मिली. तीनों कानून रद्द. करीब 700 से ज्यादा किसान शहीद हो गए. उनकी शहादत अमर रहेगी. आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी कि किस तरह इस देश के किसानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर किसानी और किसानों को बचाया था. मेरे देश के किसानों को मेरा नमन.


आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुरुपर्व के मौके पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि वह किसानों को समझा नहीं पाए, इसीलिए कानून वापस ले लिए जाएंगे. पीएम मोदी ने कहा कि मैंने किसानों की परेशानियों को नजदीक से समझा है.