तो ये है विश्व पुरुष दिवस का इतिहास , जानिए पुरुषों के बारे में रोचक तथ्य

दुनिया भर में आज 19 नवम्बर को विश्व पुरूष दिवस मनाया जा रहा है। अपने भारत पुरुष दिवस मनाने की शुरुआत सन् 2007 से हुई। हम एक ऐसे समाज मे रहते है जिससे सबको यही लगता है कि सारे शोषण या अत्याचार सिर्फ महिलाओ पर ही होते है लेकिन पुरुष भी वही शोषण ,असमानता ,पक्षपात,हिंसा झेलते है। इसीलिए पुरुषो में अच्छे चीजो की सराहना एवं उनके मानसिक स्वास्थ्य और तथा पुरूष को एक अच्छे दायित्वकर्ता के रूप में सामने लाना । इसके लिए ही 19 नवंबर को अंतरास्ट्रीय पुरुष दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। जिससे पुरुषों को भी समाज के लिए कुछ अच्छा करने की प्रेणना मिल सके।



अंतरास्ट्रीय महिला दिवस को देखते हुए एक बार कई पुरुषों ने सन् 1923 में 23 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाने की मांग करने लगे ।उसके पश्चात ही अमेरिका के एक जर्नलिस्ट जॉन पी हैरिस ने अपना एक लेख लिखते हुए कहा कि सोविएत प्रणाली मे सामंजस्य की कमी है यह प्रणाली महिलाओ के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस तो मनाती है लेकिन पुरुषो के लिए कोई दिवस नही मनाती ।त्रिनिदाद और टोबैगों के लोगो के जरिये 19 नवम्बर 1999 को पहली बार अंतरास्ट्रीय पुरुष दिवस मनाया गया । पुरुषो ने जो योगदान दिए है उन्हें लोग सम्मान की नजरो से देखे इसके लिए डॉ.जिरोम तिलक सिंह ने बहुत प्रयास किये। उनके पिता के जन्मदिवस के दिन ही पूरे दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाने की स शुरुआत हुई।

भारत मे अंतरास्ट्रीय पुरुष दिवस लोग अब उत्सुकता से मनाने लगे है जबकि अन्य देशो में इसे कई तरीकों से लोग मानते है आप भी चाहे तो अपने घर के पुरुषो स्पेशल महसूस करवा सकते हैं कि वो आपके लिए आवश्यक है आप उनको जो पसन्द हो वो कर सकते है उनका कोई पसन्दीदा गाना गा सकते हैं