कृषि कानून की वापसी के बीच ट्विटर पर शुरू हुई चर्चा, जानिए टिकैत को लोग क्या क्या कह रहे हैं…

एक साल तीन महीने से चल रहें कृषि कानूनों का आंदोलन अब सफल होता हुआ नजर आ रहा है. गुरू नानक जयंती के खास पर्व पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया और अपने संबोधन के दौरान तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया है. वहीं, राकेश टिकैत ने कहा है कि आंदोलन तत्काल खत्म नहीं होगा जिसपर लोग उनकी जमकर खिंचाई कर रहें हैं.


दरअसल, पीएम मोदी के इस ऐलान पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बयान दिया है. उन्होंने आंदोलन वापस ना लेने की बात कही है. बता दें कि राकेश टिकैत ने ट्वीट कर लिखा है कि, ‘आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा. सरकार एमएसपी के साथ-साथ किसानों के दूसरे मुद्दों पर भी बातचीत करें.’


वहीं, राकेश टिकैत के इस ट्वीट पर लोग जमकर उनकी खिंचाई कर रहें हैं.

एक यूजर ने तंज कसते हुए राकेश टिकैत के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि, हमें पता है राकेश टिकैत जी आप आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे क्योंकि आप ने तो देश को बता ही दिया है 2024 की तैयारी है. आंदोलन किसान के लिए होता तो उच्चतम न्यायालय में जाने के बाद ही समाप्त हो जाता लेकिन आपका आंदोलन तो राजनीतिक यज्ञ है जिसमें निर्दोष किसान अपनी आहुति दे रहें हैं. वहीं, एक यूजर ने बड़े ही मजाकिया अंदाज में लिखा है कि, मेरे पेट पर लात मारकर आपको क्या मिला मोदी जी…


मालूम हो कि पिछले साल मोदी सरकार ने तीन कृषि कानून लागू किए थे जिसके बाद पंजाब और हरियाणा के किसानों ने इनका विरोध करते हुए आंदोलन की शुरुआत की थी. हालांकि, अब कृषि कानूनों को वापस लेने के ऐलान के बाद भी राकेश टिकैत अपनी जिद्द पर अड़े हैं और आंदोलन तब तक जारी रखेंगे जब तक संसद में इसे रद्द ना कर दिया जाएं. बताते चलें कि अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कृषि कानूनों का उद्देश्य पवित्र था और यह किसानों के हित में था.