बढ़ते प्रदूषण के कारण दिल्ली में लगी पाबंदियां, यहां जाने कहां क्या बंद हुआ…

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के कारण मुश्किलें बढ़ रहीं हैं. यहां हवा की गुणवत्ता का स्तर बहुत ही खराब है. जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह AQI स्तर 372 रहा. हालांकि, प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए दिल्ली में कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं लेकिन इसका बहुत ज्यादा फायदा नहीं नजर आ रहा है.

दरअसल, दिल्ली में प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट की नजर भी बढ़ते प्रदूषण पर लगातार बनी हुई है. वहीं, स्कूल-कॉलेजों को लेकर भी कई आदेश दिए गए हैं. तो आइए जानते हैं प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहें हैं:

  • दिल्ली में सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम, निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम.
  • अगले आदेश तक दिल्ली में सभी स्कूल-कॉलेज शिक्षण संस्थान बंद.
  • दिल्ली में वाहन प्रदूषण सर्टिफिकेट की सघन जांच होगी.
  • जरूरी सेवाओं के अलावा अन्य ट्रकों की एंट्री बैन.
  • यदि कोई व्यक्ति या संस्था सड़क किनारे कंस्ट्रक्शन से जुड़ा हुआ मलबा फेंकते हुए पाया जाता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा.
  • दिल्ली में सिर्फ गैस से चलने वाले उद्योगों की अनुमति है.
  • आगामी 21 नवंबर तक दिल्ली में सभी तरह के निर्माण कार्य पर रोक है.
  • राजधानी में पेट्रोल की 15 साल पुरानी और डीजल की 10 साल पुरानी गाड़ियों को सड़कों पर चलने की इजाजत नहीं.
  • दिल्ली के अलावा हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में भी सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल कॉलेज और शिक्षण संस्थान अगले आदेश तक बंद.
  • पराली जलाने से भी प्रदूषण के बढ़ते खतरे को देखते हुए पंजाब में पराली जलाने वाले किसानों पर 2.5 हजार रुपए से 15 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा.
  • कर्मचारियों से कम से कम वाहनों का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया.