EPFO अब अनाथ बच्चों को भी देगा पेंशन, जानिए कैसे और कब तक ले सकेंगे इसका लाभ

Employee Pension Scheme 

Employee Pension Scheme 

विश्वभर में कोरोना महामारी का काफी भारी प्रकोप रहा है. कई लोगों की जान गई तो कुछ मरते-मरते बचे. इस महामारी के दौरान कई माता-पिता ने अपने घर का चिराग खो दिया तो कुछ बच्चों के माता-पिता या परिवार के पूरे सदस्यों की ही मौत हो गई. खबरों की मानें तो इस महामारी में अनाथ बच्चों की संख्या और ज्यादा बढ़ गई है. ऐसे अनाथ बच्चों को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा एक स्कीम पेश की गई है. जिसके तहत अनाथ बच्चों की आर्थिक सहायता हो सकेगी.

दरअसल, सरकार ने अनाथ बच्चों के लिए एम्प्लॉई पेंशन स्कीम-1995 (EPS-95) के तहत मदद करने का फैसला लिया है। हालांकि इस (EPS Scheme) स्कीम का लाभ केवल उन्हीं बच्चों को मिलेगा जिनके माता-पिता नौकरीपेशा थे या उनमें से कोई एक पहले नौकरी करते थे और (Employee Pension) कर्मचारी पेंशन स्कीम से जुड़े रहे। आइए ईपीएस से अनाथ बच्चों को होने वाले फायदों की पूरी जानकारी देते हैं...

अनाथ बच्चों को कैसे मिलेगा EPS से फायदा

एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (Employee Pension Scheme) के तहत अनाथ बच्चों को हर महीने कम से कम 750 रुपये दिए जाएंगे. ये राशि, मासिक विधवा पेंशन के 75 प्रतिशत है. अगर किसी घर में दो बच्चे अनाथ हुए हैं तो उनमें से प्रत्येक को 750 रुपये पेंशन के तौर पर दिए जाएंगे. बता दें कि ये पेंशन सिर्फ 25 साल की उम्र तक दी जाएगी. हालांकि, अगर बच्चा विकलांग है तो उसे उम्रभर ये पेंशन दी जाएगी.

पेंशन के लिए जमा करना होगा ये डॉक्यूमेंट

एम्प्लॉई पेंशन स्कीम के तहत बच्चे को डॉक्यूमेंट के तौर पर अपना (Life Certificate) जीवन प्रमाणपत्र जमा करना होगा. चाहे तो डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र भी जमा कर सकते हैं. आपको बता दें कि जो लोग पेंशन का लाभ उठाते हैं उनको हर साल जीवन प्रमाणपत्र जमा करवाना पड़ता है. ऐसें में पेंशन से संबंधित कोई दिक्कत नहीं आती है. बता दें कि अब वीडियो कॉल द्वारा भी लाइफ सर्टिफिकेट यानि जीवन प्रमाण पत्र जमा किया जा सकता है.

बता दें कि कर्मचारी पेंशन स्कीम का लाभ 58 की उम्र के बाद भी उठाया जा सकता है. इसके लिए व्यक्ति को पहले ही स्कीम से जुड़ना होगा. करीब 10 साल तक नौकरीपेशा होने के बाद ही इस पेंशन का लाभ मिल सकता है. इस बीच अगर पेंशनकर्ता की मौत हो जाती है तो उसके बच्चे या पत्नी को इस स्कीम का लाभ मिलता है. हालांकि, ये सुविधा सिर्फ 15 हजार रुपये तक बेसिक सैलरी वालों के लिए ही है.

कितना करना होगा EPS के लिए भुगतान

आपको बता दें कि ईपीएस में कंपनी के योगदान का कुछ भाग जमा किया जाता है. नए नियम के मुताबिक बेसिक सैलरी यानि 15 हजार रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारी को इसकी सुविधा मिलेगी. ईपीएस में वेतन का 8.33 प्रतिशत भाग जमा होगा. उदाहरण के तौर पर अगर आपकी सैलरी 15 हजार रुपये है तो ईपीएस के लिए 1,250 रुपये जमा होते हैं.