Jeevansathi Pension: पेंशन को लेकर सरकार की बड़ी घोषणा, पति-पत्नी का ज्वाइंट अकाउंट जरुरी नहीं...

 jeevansathi pension

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जीवनसाथी पेंशन (Jeevansathi Pension) को लेकर सरकार ने एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि जीवनसाथी पेंशन के लिए संयुक्त बैंक खाता (Joint Bank Account) होना अनिवार्य नहीं है। इस दौरान पेंशन राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह (Minister of State for Pension Jitendra Singh) ने कहा कि पेंशनर कर्मचारियों के साथ-साथ सभी समाज के वर्गों के जीवन को सुगम बनाने का काम मोदी सरकार द्वारा किया गया है।

शनिवार, 20 नवंबर को केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री (Union Minister of State for Personnel, Public Grievances and Pensions) ने कहा कि पेंशन (Pension) के लिए ज्वाइंट अकाउंट (Joint Account) होना जरुरी नहीं है। हालांकि, कुछ परिस्थिति में ही छूट दी जा सकती है। मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी के लिए अपनी पत्नी या पति के साथ संयुक्त बैंक खाता खोलना संभव नहीं हो पाता है। ऐसी परिस्थिति में उन्हें ये छूट दी जा सकती है।

नया खाता खोलने पर नहीं होगा जोर

सरकार ने पेंशन वितरण करने वाले बैंक और एंजेसी को ये सूचना दी कि अगर परिवार पेंशन के क्रेडिट के लिए पति या पत्नी मौजूदा ज्योइंट बैंक अकाउंट का विकल्प चुनते हैं तो बैंक उन पर नया खाता खोलने का दबाव नहीं कर सकता है।

पीपीओ में संयुक्त खाता अनिवार्य

सरकार के अनुसार पेंशन पेमेंट ऑर्डर में फैमिली पेंशन के लिए पति-पत्नी का साथ में संयुक्त बैंक खाता होना अनिवार्य है। ये खाता पूर्व या उत्तरजीवी (Former or Survivor) और either or survivor कैटेगरी में होता है। जोकि पेंशनभोगी की इच्छा पर निर्भर करता है।

ये है ज्वाइंट अकाउंट का फायदा

पति-पत्नी का ज्वाइंट अकाउंट होने का फायदा है कि बाद में उन्हें पेंशन मिलने के समय दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता है। संयुक्त बैंक खाता खोलने का कारण है कि पेंशनभोगी की मौत के बाद स्पाउस को पेंशन मिलने में समस्या नहीं होती है। इसके पीछे का कारण पेंशनर्स को राहत देना है।