राष्ट्रगान के ‘भारत भाग्य विधाता’ पर क्यों रो पड़े Paytm के CEO विजय शेखर, याद आया पूरा संघर्ष….

पेटीएम आईपीओ लिस्टिंग अवसर। पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा बोलने आए। लेकिन जैसे ही उन्होंने ट्रिब्यून पर बात की, उनका गला भर आया। दरअसल, उस वक्त उनके दिमाग में अलीगढ़ से बीएसई की यात्रा के तमाम पल आ रहे होंगे, जो उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों में देखे होंगे। दरअसल पेटीएम के शेयर का टेबल अच्छा नहीं रहा है और शेखर इससे जरूर असंतुष्ट होंगे, लेकिन उनकी कहानी लोगों को प्रेरणा दे रही है।

पल का पल विजय शेखर शर्मा के लिए वाकई खास था, जिन्होंने 2010 में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से सिर्फ 10 हजार रुपये से पेटीएम की नींव रखी थी। बीएसई के ट्रिब्यून पर अपनी कंपनी के शेयरों को सूचीबद्ध करना हर व्यवसायी का सपना होता है। शेखर का सपना पल भर में पूरा हो रहा था और वो भी इस वक्त काफी इमोशनल हो गए।
दरअसल, विजय शेखर की इन चोटों के पीछे उनके संघर्ष की पूरी कहानी छिपी है। उन्होंने अपने हाथ में सिर्फ 10 हजार के साथ कारोबार शुरू किया। दरअसल वह अंग्रेजी नहीं जानता था। पेटीएम के विजय शंकर की इन पटाखों में छिपी है संघर्ष की पूरी कहानी।

43- समय के शेखर पेटीएम लिस्टिंग फॉर्म के दौरान सार्वजनिक राष्ट्रगान बजते ही भावुक हो गए। हिंदी में अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए शेखर ने कहा कि जैसे ही उनके संज्ञान में राष्ट्रगान की धुन सुनाई दी, उनकी आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए अभी-अभी हुआ है, क्योंकि आपने लोकगीत गाया है। भारत भाग्य विधाता शब्द मुझे सचमुच प्रसन्न करता है।

रूमाल से आँखें पोंछते हुए शेखर ने समझाया कि दिन का मतलब उसकी कंपनी के लिए क्या होता है। उन्होंने कहा कि लोगों ने मुझसे कहा कि आप प्लूटोक्रेट को इतनी ऊंची कीमत पर कैसे पालेंगे? इसलिए मैंने उनसे कहा कि मैं प्लूटोक्रेट को कीमत के लिए नहीं बल्कि इस उद्देश्य से उठाता हूं।

फिर भी, बड़े स्टॉपगैप के साथ पेटीएम में प्लूटोक्रेट डालने वालों का मूड खराब हो गया। देश के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म पेटीएम की मूल कंपनी वन 97 डिस्पैच को स्टॉक रिक्वेस्ट मोमेंट पर लिस्ट किया गया था, लेकिन इसे वास्तव में अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली। कंपनी के शेयरों को स्टॉक अनुरोध पर कटौती के साथ सूचीबद्ध किया गया था। इसे बीएसई पर 1955 रुपये यानी 9.07 फीसदी की कटौती के साथ लिस्ट किया गया था। इसका इश्यू प्राइस 2150 रुपये था। यानी निवेशक को एक शेयर पर 195 रुपये प्रति शेयर का नुकसान हुआ था। कंपनी का शेयर 9.3 फीसदी की गिरावट के साथ एनएसई पर लिस्ट हुआ था।