Sunday Special: अमिताभ बच्चन से विनोद खन्ना को मिला एक ऐसा दाग, इस पर आज भी अफसोस करते हैं बिग बी

बॉलीवुड फिल्मों (Bollywood Films) की शूटिंग काफी जोखिम भरा काम होता है खासकर तब जब किसी एक्शन सीन (Action Scene) का शूट चल रहा हो। इस बात को तो सभी जानते हैं कि हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) को उनकी फिल्म 'कुली' (Coolie)  की शूटिंग के दौरान काफी चोट लगी थी। जिस कारण उनकी जान पर भी बन आई थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन ने विनोद खन्ना (Vinod Khanna) को ऐसी चोट दे दी थी, जिसका दाग दिवंगत एक्टर के साथ हमेशा रहा। आज की इस संडे स्पेशल स्टोरी में हम आपको वो ही किस्सा सुनाने जा रहे हैं, जिसके कारण बिग बी को बहुत मलाल हुआ था।


अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना स्टारर फिल्स 'मुकद्दर का सिकन्दर' (Muqaddar Ka Sikandar) साल 1978 में रिलीज हुई थी। प्रकाश मेहरा (Prakash Mehra) की ये फिल्म ब्लॉकबस्टर (Blockbuster Film) थी और दर्शकों ने फिल्म की स्टोरी से लेकर के गाने और डायलॉग से लेकर के कलाकारों की एक्टिंग स्किल्स को भी खूब सराहा था। बिग बी (Bigg B) जो सोशल मीडिया (Social Media) पर काफी एक्टिव रहते हैं और अपने ब्लॉग या सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए अपनी फिल्मों और निजी जिंदगी से जुड़े कई किस्सों को शेयर करते रहते हैं, उन्होंने इस फिल्म से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया था। अमिताभ ने अपने ब्लॉग (Amitabh Bachchan Blog) के जरिए बताया था कि इस वाक्ये ने उन्हें बहुत ज्यादा दोषी महसूस कराया था।


अमिताभ बच्चन ने अपने उस ब्लॉग में दिवंगत एक्टर विनोद खन्ना को लेकर के अपनी ऑब्सेर्वशन्स और इमोशंस व्यक्त किए थे। बिग बी ने अपने ब्लॉग में फिल्म 'मुकद्दर का सिकन्दर' के सेट पर हुई एक घटना को याद किया था, जिसमें महानायक ने अपने को-एक्टर विनोद खन्ना को चोट पहुंचाई थी। एक सीन में बिग बी के कैरेक्टर को दिवंगत एक्टर पर गुस्से में एक ग्लास फेंकना था, लेकिन ये ग्लास विनोद खन्ना के चेहरे पर लग गया, जिससे उन्हें चोट लग गई थी। ग्लास ने उनकी ठुड्डी को कट कर दिया था, जिससे 'चांदनी' (Chandani) एक्टर का काफी खून बह रहा था। अमिताभ तुरंत विनोद खन्ना को अस्पताल लेकर के भागे थे और ये सुनिश्चित किया कि वह पूरी तरह ठीक हैं।


अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा, "वह अपराधबोध से ग्रस्त घटना जब मुझे एक सीन में उनकी ओर एक गिलास फेंकना पड़ा और यह गलती से उनकी ठुड्डी पर लग गया, जिससे उन्हें चोट लग गई। उस तारीख पर अक्षम्य दुर्घटना के लिए मेरे भीतर का पछतावा और अपराधबोध ... उन्हें उनके डॉक्टर के पास ले जाना, देर रात, टांके लगवाना, उन्हें सेटल करने के लिए उनके घर तक छोड़ना और इस भीषण एक्सीडेंट के लिए उनसे लगातार माफी मांगते रहना …"