वैक्सीनेशन को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों की बड़ी पहल, दिल जीत लेगा उनका ये काम

देश-दुनिया में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट से दहशत का माहौल है, लोग इस बात से परेशान है कि ये वैरिएंट कितना खतरनाक हो सकता है? कई तरह के सवाल लोगों के मन में है जिससे लोग थोड़ा परेशान हैं लेकिन इस बीच वैक्सीनेशन के लिए जागरूकता बढ़ गई है.


जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में वैक्सीनेशन कार्य जोरों-शोरों से हो रहा है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें अस्पताल के साथ-साथ धान खरीदी केंद्र और गांवों में शिविर लगाकर वैक्सीनेशन करने में जुटी हैं. स्वास्थ्यकर्मी एक नई पहल के साथ लोगों की जान बचाने में लगे हुए हैं. उनकी बदौलत प्रदेश में अब तक करीब 91 प्रतिशत लोगों को पहली और 50 प्रतिशत लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए दोनों डोज लग चुकी हैं.


दरअसल, बस्तर संभाग के बीहड़ जंगलों के अंदर बसे मंजराटोला गांवों में शिविर तक पहुंचने के लिए कोई सड़क नहीं है. काफी मशक्कत कर यहां पहुंचा जा सकता है लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों की अनूठी पहल ने सबका दिल जीत लिया है क्योंकि वो अन्य लोगों को वैक्सीनेट करने के लिए काफी योगदान दे रहें हैं. जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की एक टीम में एनएम रीमा नंद, आगनबाड़ी कार्यकर्ता शोभिता, सहायिका पदमा, मितानिन पार्वती झा, सचिव दयामनी नाग, प्रधान अध्यापक परमेश्वर प्रसाद जोशी, रोजगार सहायक छवि राम बघेल, ग्राम कोटवार कन्हाई बघेल और हल्का पटवारी राम दास मरकाम नदी पार कर टीका लगाने गांव पहुंचें.


आपको बता दें कि कोरोना के नए वैरिएंट को देखते हुए वैक्सीनेशन का कार्य एक बार फिर से तेज कर दिया गया है जिससे लोगों को संक्रमण से बचाया जा सकें. हालांकि, वैक्सीनेट लोगों को भी कोरोना का ये नया वैरिएंट प्रभावित कर रहा है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ के मंत्री टीएस सिंहदेव ने वैक्सीनेशन तेजी से करने के निर्देश दिए हैं. वहीं, पहली और दूसरी दोनों डोज को मिलाकर प्रदेश में अबतक 2 करोड़ 78 लाख 97 हजार 472 टीके लगाएं जा चुके हैं.