अब वोटर आईडी कार्ड से आधार जोड़ने की तैयारी, कैबिनेट से बिल मंजूर

भारत सरकार ने फर्जीवाड़ा और चुनाव सुधार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. कैबिनेट मीटिंग में सुधार से जुड़े एक बिल को मंजूरी दे दी गई है. वहीं, नामांकन को लेकर भी विधेयक में एक प्रावधान दिया गया है.

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में चुनाव सुधार से जुड़े इस बिल को मंजूरी दी गई है. इस बिल के मुताबिक, आने वाले समय में वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड नंबर से जोड़ा जाएगा. हालांकि, आधार कार्ड को वोटर आईडी से जोड़ने का फैसला खुद की इच्छा से होगा.

दरअसल, वोटर आईडी को आधार से जोड़ने से फर्जी वोटर कार्ड से होने वाली धोखाधड़ी आदि को रोका जा सकेगा. वहीं, बिल में यह प्रावधान भी किया गया है कि अब 1 साल में चार अलग-अलग तारीखों पर मतदाता के रूप में युवा नामांकन कर सकेंगे. सरल शब्दों में कहें तो वोटर बनने के लिए अब साल में चार तारीखों को कट ऑफ माना जाएगा. बता दें कि अब तक हर साल 1 जनवरी या उससे पहले 18 साल की उम्र के होने वाले युवाओं को ही वोटर के तौर पर नामांकन करने की इजाजत है.

आपको बता दें कि 1 जनवरी को कट ऑफ डेट के चलते वोटर लिस्ट की कवायद से कई युवा वंचित रह जाते थे. जिनकी 2 जनवरी को 18 साल की उम्र पूरी हुई हो वो पंजीकरण नहीं करा पाते थे और यदि पंजीकरण कराना भी हो तो अगले साल का इंतजार करते थे. बताते चलें कि सरकार ने फर्जीवाड़ा धोखाधड़ी आदि को ध्यान में रखते हुए इस बिल को मंजूरी दी है.