Chhattisgarh: कचरे में डालने की जगह गोबर बेचकर लाखों कमा रहे हैं लोग, आप इस सरकार योजना का उठा सकते हैं लाभ

गोबर (Dung) का नाम सुनते ही कुछ लोग अपनी नाक बंद करने लगते हैं या मुंह अजीब तरह से बनाने लगते हैं, लेकिन कुछ लोगों के लिए ये एक अच्छी आमदनी (How to Earn From Dung) का जरिया बना है। जिससे कमाई कर उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत (Earning Tips) किया है। जी हां, गोबर से एक अच्छी कमाई (Money from Cow Dung) हो सकती है, जिससे व्यक्ति अपना और अपने बच्चों का भविष्य उजवल बना सकता है। ये जानकर आप भी थोड़ा हैरान हो रहे होंगे कि भला गोबर का नाता हजारों-लाखों की कमाई से कैसे हो सकता है, तो आपको आज हम कुछ ऐसे किस्से और एक ऐसी योजना के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में जानकर आपको भी यकीन हो जाएगा कि गोबर कोई आम चीज नहीं है इससे भी कमाई की जा सकती है।

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) से कई किस्से सामने आए हैं जहां गोबर से कमाई (Earning From Dung) कर उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ाई समेत अन्य सुविधा प्रदान की तो कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने खुद को कर्जे से मुक्त किया। आइए आपको गोबर से आमदनी होने वाले किस्से और योजना (Godhan Nyay Yojana) के बारे में बताते हैं...

गोबर बेचकर खरीदा लैपटॉप

कोरोना काल के दौरान जब स्कूल बंद थे तो छत्तीसगढ़ के सेलूद गांव निवासी रमेश कश्यप के बच्चों की पढ़ाई भी रुक गई थी। क्योंकि उनके घर में किसी तरह का साधन नहीं था जिससे वो ऑनलाइन पढ़ाई कर सके। ऐसे में उन्होंने गोबर को बेचकर 46,650 रुपये कमाए थे। इस पैसों से उन्होंने लैपटॉप खरीदा, जिसके बाद उनके बच्चों ने ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की थी। बता दें कि साल 2020 से जनवरी 2021 तक उन्होंने गोधन योजन में गोबर विक्रय किया था। इसी दौरान कि गई कमाई से उन्होंने लैपटॉप खरीदा था।

किसी ने फीस भरी तो किसी ने बनवाया घर

गोधन योजना के तहत जलेयवरी नामक इस महिला ने करीब 1 साल में 30 हजार रुपये की कमाई की। बताया जा रहा है कि वो जब खाली थी तो वो गौठनों की गतिविधियों में शामिल रहती थी। इस दौरान वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री से उन्होंने 30 हजार रुपये कमाए। इन पैसों से उन्होंने अपनी नर्सिंग फीस चुकाई और एक मोबाइल भी खरीदा। वहीं, शिवतराई गांव में रहने वाली दुवासा बाई यादव ने गोबर की कमाई से अपना घर बनवाया। उन्होंने पिछले एक सालों में इससे 46 हजार से अधिक की कमाई की थी। ऐसे में इनसे दूसरी महिलाएं भी प्रेरणित हुईं।

गोबर से छुड़वाई अपनी गिरवी जमीन

एक हादसे के दौरान रंभा मरावी के किसान पति घायल हो गए थे। इलाज के लिए उन्हें अपने जमीन को गिरवी रखकर डेढ़ लाख रुपये का उधार लिया था। ऐसे में इस कर्जे से मुक्ति और अपनी जमीन को छुड़वाने के लिए रंभा मरावी ने गोधन न्याय योजना से करीब 51 रुपये की कमाई की। उन्होंने अपने इस तरह से अपनी गिरवी जमीन में से आधी जमीन को छुड़वाया।

आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) ने 20 जुलाई, 2020 को राज्य में गोधन न्याय योजना की शुरुआत की थी। जिसके बाद से प्रदेश के कई किसान और ग्रामीणों ने इस योजना का लाभ उठाते आ रहे है।